DNA ANALYSIS: Made In India मुहिम के जरिए चीन को संदेश, सबसे पहले 'अपना देश'

48 घंटे में 42 लाख लोगों का एक साथ एक मंच पर आना कोई छोटी मोटी घटना नहीं है. 

DNA ANALYSIS: Made In India मुहिम के जरिए चीन को संदेश, सबसे पहले 'अपना देश'

नई दिल्ली: अब हम उस Made In India मुहिम की बात करेंगे जो हर दिन नए रिकॉर्ड बना रही है. Made In India मुहिम के समर्थन में हमें अब तक 42 लाख से ज्यादा मिस्ड कॉल्स आ चुके हैं. ये अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. लेकिन आपको अभी रुकना नहीं है. क्योंकि Made In China को हराने के लिए Made In India को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है.

48 घंटे में 42 लाख लोगों का एक साथ एक मंच पर आना कोई छोटी मोटी घटना नहीं है. अगर सिर्फ संख्या की ही बात करें तो भारत के 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिनकी जनसंख्या इससे भी कम है. दुनिया में करीब 100 देश ऐसे हैं जिनकी आबादी 42 लाख से कम है और 50 देश तो ऐसे हैं जहां इससे आधी या आधी से भी कम आबादी रहती है.

इस संख्या की शक्ति को आप एक और उदाहरण से समझिए. कुंभ मेला दुनिया का अकेला ऐसा धार्मिक आयोजन है जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या 5 से 8 करोड़ तक होती है. कुंभ मेले की भव्यता को अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर Zee News की इस मुहिम से जुड़ने वाले ये लाखों लोग एक साथ एक जगह पर जमा हो जाएं तो क्या हो सकता है? अगर ये 42 लाख लोग एक साथ अपने हाथों में क्रांति की मशाल थाम लें या फिर अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट भी ऑन कर दें तो इस तस्वीर को अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है.

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बुधवार को हमने आपको बताया था कि कैसे इतिहास में जब 60 हजार लोग महात्मा गांधी के साथ और 2 लाख लोग मार्टिन लूथर किंग जूनियर के साथ खड़े हुए थे तो क्रांति हो गई थी.

उस दौर में मोबाइल फोन नहीं था, इंटरनेट और सोशल मीडिया जैसी चीजें भी नहीं थीं फिर भी इन लोगों ने इतिहास को बदलकर रख दिया था. जबकि आज आप दुनिया के सबसे बड़े ओपीनियन पोल का हिस्सा बनकर इतिहास रचने के करीब खड़े हैं. इसलिए आपको अपनी ताकत पहचाननी होगी और इस संख्या को लाखों से करोड़ों में ले जाना होगा क्योंकि जब तक 137 करोड़ भारतीय एक साथ आगे आकर अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तब तक ये मुहिम अपनी मंजिल तक नहीं पहुंचेगी.