नासिक में प्याज की फसल पर रोग, उपज पर पड़ेगा असर; किसानों की चिंता बढ़ी

अब प्याज की उपज कम होगी. प्याज का आकार भी छोटा रहेगा.

नासिक में प्याज की फसल पर रोग, उपज पर पड़ेगा असर; किसानों की चिंता बढ़ी
इस कीट-रोग से प्याज का उत्पाद घटने का डर किसानों को सता रहा है.

नासिक (नीलेश वाघ): महाराष्ट्र में पहले बे-मौसम बारिश से प्याज (Onion) की फसल बर्बाद हुई. अब कोहरे और मेघाच्छादित वातावरण ने नासिक के प्याज उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है. नासिक में मेघाच्छादित वातावारण से प्याज पर बैक्टीरियल ब्लाइट रोग हुआ है. इसके चलते प्याज के पत्ते पीले पड़ जाते हैं और ओस बिंदु से प्याज पर कवक बन गया है. अब इस वजह से प्याज की उपज कम होगी. प्याज का आकार भी छोटा रहेगा.

इस रोग पर नियंत्रण के लिए किसानों को ज्यादा कीटनाशकों की छिड़काव करना पड़ेगा, जिससे उनके उत्पाद का खर्च भी बढ़ रहा है. 4 महीने के बाद भी प्याज की उम्मीद के मुताबिक उपज ना होने से किसान चिंता में है.

कीटनाशक छिड़काव का असर भी नहीं
प्याज उत्पादक किसान देवाजी वाघ ने बताया, प्याज की फसल की बोनी में 4 महीने हुए हैं. दीवाली के समय हुई बे-मौसम बारिश से प्याज खराब हुआ था. उसके बाद कीटनाशक का छिड़काव किया था. मेघाच्छादित वातावरण ने प्याज पर रोग और कवक का असर हुआ है. कीटनाशक छिड़काव का असर भी नहीं दिख रहा है.

फर्टिलाइजर के खर्च में वृद्धि
किसान सोमनाथ वाघ बताते हैं कि मेघाच्छादित वातावरण के चलते प्याज की फसल पर असर हुआ है. इस प्याज पर आए रोग के कारन कीटनाशक और फर्टिलाइजर के खर्च में 4-5 गुना वृद्धि करनी पडी है. उत्पादन का खर्च बढ़ा है, लेकिन उत्पाद भी घटेगा ऐसी स्थिति है.

कोई फायदा हुआ नहीं
प्याज उत्पादक उमेश पाटील ने कहा, मेघाच्छादित वातावरण सें प्याज खराब हुआ है. 4 महीने में 5 -5 बार कीटनाशक का छिड़काव किया. कोई फायदा हुआ नहीं है. प्याज का आकार नहीं बढ़ा है. अबतक दो एकड़ के प्याज के लिए 25 हजार रुपए का छिड़काव किया है.

विशेषज्ञ और कृषि अधिकारी विजय पाटील बताते हैं कि मौसम में आए बदलाव के कारण बैक्टीरियल ब्लाइट रोग और कवक का प्रादुर्भाव प्याज पर हुआ है. इस पर विशेषज्ञ कीटनाशक के छिड़काव करना चाहिए और प्याज पर ओस बिंदु पड़ते हैं. उस पर पानी का छिड़काव करें, जिससे प्याज पर पड़ा कवक नियंत्रण में आएगा.

रिपोर्ट- नीलेश वाघ, ज़ी मीडिया, मालेगांव- नासिक