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अयोध्या में विवादित स्थल के आस-पास की जमीन केस का हिस्सा नहीं: BJP

बीजेपी के ने कहा कि केन्द्र जिस जमीन को उसके असली मालिकों को लौटाना चाहता है वह इस मामले का हिस्सा नहीं है.

अयोध्या में विवादित स्थल के आस-पास की जमीन केस का हिस्सा नहीं: BJP
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव (फाइल फोटो)

हैदराबाद: बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करेगी. उन्होंने कहा कि केन्द्र जिस जमीन को उसके असली मालिकों को लौटाना चाहता है वह इस मामले का हिस्सा नहीं है.

उन्होंने कहा,‘राम मंदिर मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने विचाराधीन है. इस पर 26 फरवरी को सुनवाई होगी. जमीन इस मामले का कतई हिस्सा नहीं है. यह मामले से बाहर का विषय है. इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय सक्रिय रूप से विचार कर रहा है.’ 

राम माधव ने ‘इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस’ में आयेाजित एक कार्यक्रम के इतर कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट सरकार को जो भी निर्देश देगा, वह इसे आगे बढ़ाएगी.’ केन्द्र सरकार ने 29 जनवरी को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करके विवादित स्थल के पास की 67 एकड़ गैरविवादित अधिग्रहीत भूमि को उसके असली मालिकों को वापस करने की अनुमति मांगी थी.

‘विपक्षी एकता कहां हो रही है’
वहीं बीजेपीके राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी पार्टी के नेतृत्व वाले राजग के मुकाबले के लिए विपक्षी एकता की बात को शुक्रवार को खारिज कर दिया और कहा कि कुछ राज्यों में कई गठबंधन है। माधव ने पत्रकारों से बातचीत में पूछा, 'विपक्षी एकता कहां हो रही है?' उन्होंने कहा, 'हर जगह विपक्ष का एक से अधिक गठबंधन है।' 

बहुजन समाज पार्टी-समाजवादी पार्टी गठबंधन और कांग्रेस के अलग से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए बीजेपीनेता ने कहा, 'यूपी (उत्तर प्रदेश) में देखिये, वहां दो है।'
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में एक कार्यक्रम में शामिल होने आये माधव ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल को देखें। वहां दो पार्टियां हैं।’’ 

उन्होंने कहा कि केवल तेलुगू देशम पार्टी के प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 'अपनी राजनीति और राजनीतिक हितों' के लिए राजग को छोड़ दिया था। माधव ने कहा, 'लेकिन अब हम (भाजपा) असम और अन्य जगहों पर नये सहयोगी बना रहे हैं।'

(इनपुट - भाषा)