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Exclusive: जानें टुकड़े-टुकड़े गैंग पर अमित शाह ने ZEE NEWS से क्या कहा

केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ZEE न्यूज के एडिटर इन-चीफ सुधीर चौधरी साथ खास बातचीत की.  

Exclusive: जानें टुकड़े-टुकड़े गैंग पर अमित शाह ने ZEE NEWS से क्या कहा
शाह ने धारा 370, एनआरसी, राम मंदिर समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit shah)ने ZEE न्यूज के एडिटर इन-चीफ सुधीर चौधरी साथ खास बातचीत की. गृहमंत्री शाह ने महाराष्ट्र-हरियाणा विधानसभा चुनाव, धारा 370, एनआरसी, राम मंदिर और यूनिफॉर्म सिविल कोड समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की. इंटरव्यू के दौरान गृहमंत्री शाह से एक सवाल 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग को लेकर भी किया गया. 

गृहमंत्री शाह से पूछा गया कि टुकड़े-टुक़ड़े गैंग का इलाज निकालने की जरूरत है? इसके जवाब में शाह ने कहा, "मुझे इनका इलाज करने की कोई जरूरत नहीं है. देश की जनता ने ही इनका इलाज कर दिया है. मोदी जी के नेतृत्व में BJP को 305 सीट आई. टुकड़े-टुकड़े गैंग को देश की जनता का जवाब है."

शाह ने कुछ अन्य सवालों के जवाब कुछ इस तरह दिए:
 
सवाल: अनुच्छेद 370 हटाना आजाद भारत का सबसे बड़ा फैसला था? 
शाह: ये मेरे लिए सौभाग्यपूर्ण दिन और क्षण था. अनुच्छेद 370 हटाने के लिए बिल पेश करना सौभाग्य की बात है. इसे हटाने का फैसला देश के प्रधानमंत्री ने लिया, कैबिनेट ने लिया. इस विभाग का मंत्री होने के नाते मैंने बिल पेश किया. बचपन के नारे को मूर्त रूप देने के वक्त मैं देश का गृहमंत्री था. एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं रहेंगे. 

सवाल: अनुच्छेद 370 पर फैसले की इनसाइड स्टोरी क्या थी?
शाह: कोई इनसाइड स्टोरी नहीं होती है, एक योग होता है. अनुकूल स्थिति की अनुभूति होने पर ऐसे फैसले लिए जाते हैं. देश की जनता ने हमें 300 से ज्यादा सीटें दी थीं. देश की स्थिति अनुकूल होते ही मोदी जी ने फैसला लिया. 

सवाल: अनुच्छेद 370 हटाने की पूरी तैयारी किस तरह की? 
शाह: जो देश के भले की सोचते हैं वो इस बिल के साथ होने थे. जो वोट बैंक की राजनीति करते हैं, वो इसके खिलाफ होने थे. दो खेमे बहुत स्पष्ट थे, ढेर सारी पार्टियां जो साथी नहीं हैं. जैसे नायडू जी, मायावती जी की केजरीवाल जी की पार्टी. ये सब चुनाव में खिलाफ़ थीं लेकिन 370 पर साथ दिया. ढेर सारे लोगों ने अपनी पार्टी की बात ना मानकर वोट दिया. दोनों सदनों में दो तिहाई से ज्यादा बहुमत से बिल पास हुआ. 

सवाल: महाराष्ट्र में शिवसेना आपके लिए चुनौती है, ये कैसी दोस्ती है?
शाह:
महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़णवीस की अगुवाई में चुनाव लड़ा जा रहा है. सरकार बनने के बाद फड़णवीस ही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे.

देखें पूरा इंटरव्यू:

सवाल: फड़णवीस उपमुख्यमंत्री पद शिवसेना को देने के लिए तैयार हैं?
शाह: वो परिणाम के बाद की बात है. परिणाम आने के बाद ही बात होगी.  

सवाल: चुनाव के बाद भी राहुल गांधी के भाषण में बदलाव नहीं आया? 
शाह:
वो तो राहुल गांधी को तय करना है कि क्या बोलना है क्या नहीं. क्या सीखना है क्या नहीं सीखना है ये राहुल तय करें.