Exclusive: J&K में तैनात होगी तीनों सेनाओं की स्पेशल फोर्स, मिलकर करेंगे आतंकियों का सफाया

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अब सरकार घाटी में आतंक के नेटवर्क जो जड़ से साफ करने में जुट गई है.

Exclusive: J&K में तैनात होगी तीनों सेनाओं की स्पेशल फोर्स, मिलकर करेंगे आतंकियों का सफाया
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकरी के मुताबिक सेना, वायु सेना और नेवी की स्पेशल फोर्सेस को एक साथ कश्मीर में तैनात करने का फैसला लिया गया है.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अब सरकार घाटी में आतंक के नेटवर्क जो जड़ से साफ करने में जुट गई है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकरी के मुताबिक सेना, वायु सेना और नेवी की स्पेशल फोर्सेस को एक साथ कश्मीर में तैनात करने का फैसला लिया गया है. हाल ही में बनी आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल आपरेशन डिवीज़न यानी AFSOD  के तहत तीनों सेनाओं की स्पेशल फोर्सेज को एक साथ तैनात करने का फैसला लिया गया है.

रक्षा मंत्रालय में तैनात एक अधिकारी के मुताबिक," ऐसा नही है कि नेवी और वायु सेना के स्पेशल फोर्सेज पहली बार कश्मीर में ऑपरेशन के लिए तैनात किए गए है. लेकिन ये पहली बार होगा जब AFSOD के अंतर्गत सभी स्पेशल फोर्सेज एक साथ मिलकर काम करेगी. AFSOD में सेना की पैरा कमांडोज़, नेवी की मारकोस और वायु सेना की गरुड़ कमांडोज़ को शामिल किया गया है. रक्षा मंत्रालय में तैनात एक अधिकारी के मुताबिक स्पेशल फोर्सेज को श्रीनगर और इसके आसपास के इलाकों में आपरेशन की जिम्मेदारी दी जाएगी. 

देखा जाए तो वायु सेना की गरुड़ कमांडोज़ पहले आए ही कश्मीर के हाजिन इलाके में तैनात है. जबकि MARCOS लोलाब समेत कई इलाकों में पहले भी कई बार ऑपरेशन कर चुकी है. एनएसजी की एंटी टेरर 51 एसएजी की टीम एक साल से ज्यादा से घाटी में मौजूद है जिसे अब तक घाटी में किसी भी एन्टी टेरर ऑपेरशन में इस्तेमाल नहीं किया गया है. 51 एसएजी एनएसजी की एंटी-टेरर की फोर्स है जिसके करीब 100 कमाण्डो कश्मीर में तैनात किए गए है. ये कमांडो पेनिट्रेशन रडार के साथ साथ घातक हथियारों से लैस हैं जिसमें करीब 30 स्नाइपर भी हैं.

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घाटी में ब्लैक कैट को तैनात करने के पीछे गृह मंत्रालय ने ये तर्क दिया था कि एनएसजी होस्टेज सिचुएशन को बेहतर तरीके से डील कर सकती है हालांकि अब तक आपरेशन में ना इस्तेमाल होने की सूरत में एनएसजी ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिख कर ये पूछा था कि उनको कश्मीर में किस मकसद के लिए तैनात किया गया है. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक़ एनएसजी की टीम को क्रिसमस और नए साल के मौके पर हाई अलर्ट पर रखा गया है. जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संघठन पठानकोट जैसा एक और हमले को अंजाम दे सकते हैं.