EXCLUSIVE: अगले रेल बजट में इन तीन बातों पर रहेगा मोदी सरकार का जोर, जानिए किसको मिलेगा फायदा

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इंफ्रा सेक्टर पर जबरदस्त जोर दिया जा रहा है. सरकार सड़क से लेकर हवाई मार्ग तक निवेश और विस्तार के लिए कदम बढा रही है.

EXCLUSIVE: अगले रेल बजट में इन तीन बातों पर रहेगा मोदी सरकार का जोर, जानिए किसको मिलेगा फायदा
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इंफ्रा सेक्टर पर जबरदस्त जोर

नई दिल्ली: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इंफ्रा सेक्टर पर जबरदस्त जोर दिया जा रहा है. सरकार सड़क से लेकर हवाई मार्ग तक निवेश और विस्तार के लिए कदम बढा रही है. सरकार के इस रुख को देख, लोगों की मोदी सरकार पार्ट 2 के आगामी वित्तीय बजट से काफी उम्मीदें हैं. उम्मीदों का पिटारा लेकर भारतीय रेलवे और रेल मुसाफिर भी तैयार हैं. 

सूत्रों के मुताबिक अगला रेलवे बजट तीन स्तंभों पर टिका होगा. इंफ्रा, प्राइवेट और सुरक्षा. इस बार रेल बजट में ट्रेन सेट 18 या वंदे भारत ट्रेनों को और अधिक रुट पर चलाने का ऐलान संभव है. सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्रालय में इस बात पर लगभग सहमति बन गई है कि भारतीय रेलवे का भविष्य ट्रेन सेट जैसी ट्रेनों में ही है. लिहाजा फेज मैनर में इंजन चलित ट्रेनों को कम किया जाएगा और आगामी बजट से इसकी शुरुआत भी हो जाएगी. 

रेल मंत्रालय दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-जयपुर, जैसे रुट पर अब ज्यादा ट्रेन सेट चलाना चाहती है. सरकार अगले रेल बजट में प्राइवेट ट्रेनों के लिए अपने रुख को और स्पष्ट करेगी. रेल बजट में तेजस और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों को आईआरसीटीसी को सौंपा जा सकता है. सूत्रों की मानें 5 और ट्रेनें IRCTC को दी जा सकती हैं. पहले ये ट्रेन IRCTC चलाएगी और बाद में ये प्राइवेट प्लेयर को सौंपी जा सकती है. 

मिशन स्पीड अपग्रेड- रेलवे इन तमाम रुट पर जहां इलैक्ट्रीफिकेशन टारगेट लगभग पूरा हुआ है वहां स्पीड बढाई जा सकती है. मसलन दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता के बाद मुंबई-चेन्नई और दिल्ली-चेन्नई को 160 एवरेज स्पीड पर अपग्रेड करने के लिए ऐलान किया जा सकता है. रेलवे का अपना स्पैक्ट्रम होने के चलते कई दिशाओं में स्पैक्ट्रम यूजेज के लिए ऐलान अगले बजट में संभव है. रियल टाइम ट्रेन मॉनीटरिंग, ऑन बोर्ड इंटरटेनमेंट, ऑन बोर्ड वाई-फाई जैसी सुविधाओं का आगाज हो सकता है. 

इसके अलावा रेलवे बजट में इंफ्रा में विकास और बढावा देने पर रहेगा जोर. रेलवे बजट में इलेक्ट्रिफिकेशन और सिग्नलिंग पर विशेष जोर रहेगा. 100 फीसदी इंलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य को जल्द हासिल करने के लिए बजट प्रावधान किया गया है. इसके अलावा यात्री सुविधाओं जैसे लिफ्ट, एस्कलेटर्स, दिव्याग फ्रेंडली रेलवे स्टेशन बनाने पर फोकस बना रहेगा.