Rapido Captain Fraud News: हम आए दिन मोबाइल ऐप्स से कैब बुक करते हैं. कभी-कभी हम जल्दबाजी में फेक ऐप से ठगी का शिकार भी बन जाते हैं. एक ऐसा ही ठगी का नया मामला बेंगलुरु में सामने आया है. ट्रैवेलिंग ऐप रैपिडो से इस महिला ने एक कैब बुक की.
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Rapido Fake App News: हम आए दिन मोबाइल ऐप्स से कैब बुक करते हैं. कभी-कभी हम जल्दबाजी में फेक ऐप से ठगी का शिकार भी बन जाते हैं. एक ऐसा ही ठगी का नया मामला बेंगलुरु में सामने आया है. ट्रैवेलिंग ऐप रैपिडो से इस महिला ने एक कैब बुक की. इस महिला के ऐप में कैब का किराया 532 रुपए शो कर रहा था लेकिन जब महिला ने ड्राइवर से पूछा कि कितना किराया हुआ तो ड्राइवर ने बताया कि उसके ऐप में 650 रुपए शो कर रहे हैं. जब महिला ने कहा कि उसके ऐप में तो 532 रुपए ही शो कर रहे हैं तो कैब ड्राइवर ने उससे 650 रुपए की पेमेंट करने को कहा. इसके बाद महिला ने कैब ड्राइवर का ऐप चेक करने की बात तब जाकर कैब ड्राइवर के इस फेक ऐप का भंडा फूटा.
मीनल गोयल नाम की महिला इस फेक ऐप की ठगी का शिकार बनने वाली थी कि तभी उन्होंने ड्राइवर से उसका ऐप दिखाने की बात कही और चेक करने पर ऐप फेक निकला. इसके बाद मीनल ने इस पूरे वाकए की वीडियो बनाई और अपने सोशल मीडिया के लिंक्डइन और इंस्टाग्राम प्लेटफार्म पर इस ठगी के बारे में खुलासा करते हुए लोगों को सतर्क किया. मीनल का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मीनल गोयल ने बताया कि ड्राइवर ने कथित तौर पर Rapido के आधिकारिक इंटरफेस जैसी दिखने वाली ऐप का इस्तेमाल करके उनसे ज्यादा चार्ज करने की कोशिश की.
पीड़ित मीनल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो
मीनल ने वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'नया Rapido स्कैम! तो हाल ही में हमारे साथ जो हुआ, वो ये है. हमने बेंगलुरु एयरपोर्ट से घर के लिए Rapido कैब बुक की. ऐप में किराया Rs 532 दिख रहा था.' मीनल ने आगे बताया कि यात्रा तो अच्छी रही लेकिन ड्राइवर ने किराया ज्यादा मांगा तो मेरा माथा ठनका. मीनल ने लिखा, 'जब हम अपने गंतव्य पर पहुंचे, तो ड्राइवर ने कहा कि उसकी ऐप में Rs 650 दिख रहा है और जोर देने लगा कि हम तुरंत पेमेंट करें क्योंकि उसका अगला राइड इंतजार कर रहा है.'
दोनों के ऐप में दिखा अंतर
मीनल ने बताया कि दोनों के ऐप में समान किराया नहीं शो करने की वजह से उन्हें ड्राइवर पर शक हुआ. उन्होंने बताया, 'हम कन्फ्यूज हो गए क्योंकि हमारी Rapido ऐप में अभी भी Rs 532 दिख रहा था. हमने उसे अपनी ऐप दिखाने को कहा और हैरानी की बात ये थी कि वो बिल्कुल Rapido जैसी ही लग रही थी–वही इंटरफेस, वही कलर्स–सिवाय इसके कि उसमें Rs 650 की बजाय Rs 532 दिखाई दे रहा था. छोटी-सी बहस के बाद, हमने उसके फोन को करीब से चेक करने को कहा.' तब पता चला कि ड्राइवर ने फेक ऐप का इस्तेमाल किया है.
ड्राइवर ने कबूली सच्चाई
मीनल ने बताया, 'इस फेक ऐप की डिजाइन बिलकुल रैपिडो ऐप की तरह से की गई थी. ड्राइवर एक नकली ऐप का इस्तेमाल कर रहा था जो आधिकारिक ऐप की नकल करने के लिए डिज़ाइन की गई थी. पता चला, चेक करने पर पता चला कि वह Rapido का ऐप इस्तेमाल कर ही नहीं रहा था. जैसे ही हमने इसकी ओर इशारा किया वह घबरा गया और कबूल कर लिया कि वह इस फेक ऐप का इस्तेमाल कर रहा था.'
यूजर्स को सतर्क रहने की दी सलाह
गोयल ने आगे कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता करने वाली बात यह थी कि उनकी असली Rapido अकाउंट पर राइड का कोई रिकॉर्ड नहीं था. यहां पर सबसे ज्यादा डरावनी बात ये थी कि असली रैपिडो ऐप में कोई ऐसी ट्रांजेक्शन दिखाई नहीं देती है इसलिए आप इसकी शिकायत और रिफंड रिक्वेस्ट भी नहीं कर सकते हैं. अपनी पोस्ट को समाप्त करते हुए गोयल ने यूजर्स से सतर्क रहने का आग्रह किया, 'सावधान रहें: पेमेंट करने से पहले हमेशा ड्राइवर के फोन पर ऐप को डबल-चेक करें, खासकर अगर वे कहें कि किराया अलग है। क्या किसी और ने भी ऐसा कुछ सामना किया है?'
Rapido कैप्टन को किया सस्पेंड
मीनल गोयल के इस वायरल पोस्ट के जवाब में Rapido ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने लिखा,'हाय मीनल, हम आपकी चिंता को पूरी तरह समझते हैं और आपको हुई असुविधाजनक अनुभव के लिए हम दिल से माफी मांगते हैं. ऐसे अनुभव बिल्कुल अस्वीकार्य हैं और हम ऐसे मामलों को बहुत गंभीरता से लेते हैं. हमारी हालिया कॉल के बाद हमने मामले की गहन जांच की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कैप्टन के अकाउंट को सस्पेंड करने की जरूरी कार्रवाई की है. हमारी सेवाओं में आपकी सुरक्षा और विश्वास हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं. अगर आपको कोई आगे की समस्या हो या सहायता चाहिए तो कृपया हमसे संपर्क करने में संकोच न करें. हम आपकी मदद के लिए यहां हैं.'
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