देश के खिलाफ एक हुए फारूख-महबूबा? कश्मीर में तैयार किया 'गुपकार गैंग'

बैठक में सभी नेताओं ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए दोबारा से बहाल करने, जम्मू- कश्मीर व लद्दाख का बंटवारा रद्द करने और प्रदेश को पुन राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी. 

देश के खिलाफ एक हुए फारूख-महबूबा? कश्मीर में तैयार किया 'गुपकार गैंग'
फाइल फोटो

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर (jammu kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के बाद अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके कश्मीर केंद्रित दल पूरी तरह बौखला गए हैं. नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला ( Farooq Abdullah) ने अपने गुपकार रोड़ वाले आवास पर गुरुवार को राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई. जिसमें दो दिन पहले नजरबंदी से रिहा हुई महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) समेत अलगाववादी राजनीति करने वाले कई दलों के नेता शामिल हुए.

बैठक में ये नेता शामिल हुए
जानकारी के मुताबिक इस बैठक में फारूख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मजुफ्फर हुसैन बेग, अब्दुल रहमान वीरी, सज्जाद गनी लोन, इमरान रजा अंसारी, अब्दुल गनी वकील शामिल हुए. इस बैठक में सभी नेताओं ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए दोबारा से बहाल करने, जम्मू- कश्मीर व लद्दाख का बंटवारा रद्द करने और प्रदेश को पुन राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी. 

फारूख अब्दुल्ला ने की अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग
बैठक के बाद फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने इस गठबंधन को पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन का नाम दिया है. उन्होंने मांग की कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को वो सारे अधिकार दिए जाएं, जो उससे छीने गए हैं. भारत सरकार राज्य के लोगों के उन अधिकारों को लौटाए, जो उन्हें 5 अगस्त 2019 से पहले मिलते थे. फारूख अब्दुल्ला ने कहा आगे की रणनीति तय करने के लिए वे कुछ दिन बाद फिर से मुलाकात करेंगे. 

गुपकार ग्रुप की मांग का बीजेपी ने कड़ा विरोध किया
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 वापस करने की फारूख-महबूबा की मांग का बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है. बीजेपी के जम्मू कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि ये लोग आजादी का सपना दिखाकर अब तक राज्य के लोगों को ठगते आए थे. आर्टिकल 370 खत्म होने से अब इनकी ये ठगी बंद हो गई है. इसलिए ये अब फिर से अलगाववाद के एजेंडे की वापसी चाहते हैं. लेकिन अब 370 की वापसी नामुमकिन है. 

फारूख अब्दुल्ला ने चीन को बताया सच्चा हमदर्द
बता दें कि नजरबंदी से रिहा होने के बाद फारूख और महबूबा देश के खिलाफ लगातार जहर उगल रहे हैं. नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने एक चैनल से बात करते हुए बयान दिया कि चीन ने कभी भी अनुच्छेद 370 खत्म करने के फैसले का समर्थन नहीं किया है. मुझे उम्मीद है, कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को चीन की मदद से बहाल कराया जा सकेगा. फारूख अब्दुल्ला ने ये भी कहा कि LAC पर भार-चीन के तनाव की स्थिति 370 हटाने की वजह से ही बनी है.

नजरबंदी ने रिहा होते महबूबा ने देश के खिलाफ आग उगली
वहीं दो दिन पहले नजरबंदी से रिहा हुई महबूबा मुफ्ती ने भी नजरबंदी से रिहा होते ही महबूबा मुफ्ती ने 370 के मसले पर लोगों को भड़काने की कोशिश की. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वे एक साल से ज्यादा समय के बाद रिहा हुई हैं. इस दौरान 5 अगस्त 2019 के उस काले दिन का काला फैसला हर पल उनके दिल और रूह पर वार करता रहा. महबूबा ने कहा कि कोई भी शख्स उस दिन की बेइज्जती को भूल नहीं सकता.

ये भी पढ़ें- भारत के लिए पहला ऑस्‍कर जीतने वाली ड‍िजाइनर Bhanu Athaiya का निधन

पाकिस्तान ने गुपकार ग्रुप की सराहना की
उधर पाकिस्तान ने गुपकार ग्रुप की बैठक को हाथोंहाथ लिया है. .पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुपकार घोषणा की सराहना करते हुए इसे महत्वपूर्ण कदम बताया. कुरैशी ने कहा कि कश्मीर के लोग अब अपने हक के लिए लड़ने का मन बना चुके हैं. गुरुवार को श्रीनगर में हुई बैठक इसका सीधा सबूत है.

LIVE TV