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बीजेपी ने त्रिपुरा में वाम मोर्चे को उखाड़ फेंका, नागालैंड में सरकार में शामिल होना तय

बीजेपी का पूरे त्रिपुरा में एक पार्षद भी नहीं था और उसने 2013 के चुनाव में दो प्रतिशत से भी कम वोट हासिल किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर में पार्टी के जबर्दस्त प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘यह यात्रा शून्य से शिखर की है.’’ 

बीजेपी ने त्रिपुरा में वाम मोर्चे को उखाड़ फेंका, नागालैंड में सरकार में शामिल होना तय
त्रिपुरा नागालैंड में पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया (फोटोः एएनआई)

अगरतला/शिलांग/कोहिमा: मोदी लहर पर सवार बीजेपी ने शनिवार को त्रिपुरा में वाम के गढ़ को ध्वस्त कर दिया और अपनी सहयोगी आईपीएफटी के साथ मिलकर दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया. बीजेपी ने इसके साथ ही त्रिपुरा में 25 वर्ष से जारी वाम शासन को उखाड़ फेंका. बीजेपी का पूरे त्रिपुरा में एक पार्षद भी नहीं था और उसने 2013 के चुनाव में दो प्रतिशत से भी कम वोट हासिल किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर में पार्टी के जबर्दस्त प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘यह यात्रा शून्य से शिखर की है.’’ 

बीजेपी असम और अरूणाचल प्रदेश में पहले से ही सत्ता में है. विधानसभा चुनाव परिणाम पर मोदी ने श्रंखलाबद्ध ट्वीट करके में कहा कि त्रिपुरा में बीजेपी की जीत साधारण नहीं है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘शून्य से शिखर तक ही यह यात्रा ठोस विकास एजेंडा और हमारे संगठन की ताकत के कारण संभव हुई है. मैं वर्षों तक जमीन पर मेहनत से काम करने के लिए बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता के सामने सिर झुकाता हूं.’’ 

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मोदी ने कहा कि लोग राजग के सकारात्मक और विकान उन्मुखी एजेंडा में विश्वास जता रहे हैं. त्रिपुरा में पार्टी की शानदार जीत पर मोदी ने कहा, ‘‘यह भय और धमकी पर लोकतंत्र के लिए जीत है. आज शांति और अहिंसा की भय पर जीत हुई है. हम त्रिपुरा को ऐसी सरकार मुहैया कराएंगे जिसका राज्य हकदार है.’’ 

नागालैंड में बनेगी एनडीए की सरकार 
नागालैंड में बीजेपी+एनडीपीपी गठबंधन यद्यपि बहुमत हासिल करने में असफल रहा और राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनी है लेकिन भविष्य की सरकार में पार्टी की हिस्सेदारी निश्चित लगती है. सत्ताधारी एनपीएफ अकेली सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है और उसने बीजेपी को नई सरकार में शामिल होने का न्यौता दिया है. हालांकि बीजेपी+एनडीपीपी गठबंधन एनपीपी, जदयू और एक निर्दलीय के साथ मिलकर सरकार बना सकता है.

त्रिपुरा में बीजेपी और आईपीएफटी की सरकार 
बीजेपी ने यद्यपि अपने बल पर त्रिपुरा में बहुमत हासिल कर लिया है लेकिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राजधानी दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी आईपीएफटी के साथ सरकार बनाएगी जिसने आठ सीटें जीती हैं. माकपा नीत वाम मोर्चा को केवल 16 सीटें मिली.

माना जा रहा है कि बंगाली और आदिवासी वोटों के एक साथ मिलने से बीजेपी को यह जीत मिली. हालांकि माकपा ने बीजेपी पर चुनाव जीतने के लिए ‘‘धन और बल का इस्तेमाल’’ करने का आरोप लगाया.
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘‘बीजेपी ने वाम विरोधी ताकतों को साथ लाने के लिए धन और बल का इस्तेमाल किया.’’ 

मेघालय में त्रिशंकु विधानसभा 
मेघालय में भी खंडित जनादेश मिला है. सत्ताधारी कांग्रेस 21 सीटें जीतकर अकेली सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है लेकिन यह संख्या बहुमत से नौ सीट कम है. तीनों राज्यों में 60-60 सदस्यीय विधानसभा हैं और विभिन्न कारणों से तीनों ही राज्यों में 59-59 सीटों पर मतदान हुआ.

मेघालय में सत्ताधारी कांग्रेस यद्यपि सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन वह बहुमत हासिल करने में असफल रही क्योंकि उसे मात्र 21 सीटें मिलीं. पार्टी त्रिपुरा और नागालैंड में अपना खाता भी नहीं खोल पायी. बीजेपी ने ईसाई बहुल मेघालय में मात्र दो सीटें जीती लेकिन उसकी सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने 19 सीटें जीती. बीजेपी और एनपीपी दोनों को मिलाकर सीटों की संख्या कांग्रेस के बराबर है. 13 सीटें जीतने वाली छोटी पार्टियां सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ को कांग्रेस नीत सरकार बनाने का तरीका खोजने के लिए शिलांग भेजा गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के पास विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए जरूरी विधायकों की संख्या है.नागालैंड में भी खंडित जनादेश आया और किसी भी पार्टी या चुनाव पूर्व गठबंधन को बहुमत नहीं मिला. बीजेपी को एनपीएफ नेता एवं मुख्यमंत्री टी आर जेलियांग से नयी सरकार में शामिल होने का न्योता मिला. 27 सीटों के साथ एनपीएफ सदन में सबसे बड़ी पार्टी है. बीजेपी+एनडीपीपी गठबंधन को भी 27 सीटें मिली हैं और दोनों एक एक सीट पर आगे हैं.

(इनपुट भाषा से)