Lockdown: अपने घर पैदल निकल पड़े मजदूरों के लिए राहत, आखिरकार मिली बसें

बसों में बैठने के लिए लालकुआं गाजियाबाद और दिल्ली के गाजिपुर बॉर्डर पर लोगों की भारी भीड़ जम हो गई है.

Lockdown: अपने घर पैदल निकल पड़े मजदूरों के लिए राहत, आखिरकार मिली बसें

नई दिल्लीः कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे से निपटने के लिए देश भर में लागू  हुए लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से अपने घर को लौट रहे मजदूरों (lWorkers) को लेकर बसें उनके शहरों की तरफ निकल पड़ी हैं. इन बसों की व्यवस्था यूपी सरकार द्वारा की गई है. बसों में बैठने के लिए लालकुआं गाजियाबाद और दिल्ली के गाजिपुर बॉर्डर पर लोगों की भारी भीड़ जम हो गई है.

मौके पर मौजूद पुलिस लगातार एनाउसमेंट कर रही है जिससे की मजदूर सही बसों में ही जाकर बैठें.  सरकारी बसों के अलावा निजी बसों की मदद ली जा रही है. बता दें योगी सरकार ने यूपी बॉर्डर पर फंसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए 1000 बसों की व्यवस्था की है

सिसोदिया ने की अपील जो जहां है वही रहे
इस बीच दिल्ली-यूपी बॉर्डर के पास हालात का जायजा लेने पहुंचे डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने भी कुछ डीटीसी बसें मजदूरों को ले जाने के लिए उपलब्ध कराई हैं.

डिप्टी सीएम ने कहा, मैं लोगों से अपील करता हूं जो जहां है वह वहीं रहे. हमने यहां (गाजीपुर) में स्कूलों को नाइट शेल्टर में तब्दील करना शुरू कर दिया है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे अपना घर न छोडें. बेघर लोग नाइट शेल्टर में रह सकते हैं. हम पूरी दिल्ली को खाना खिलाने की क्षमता रखते हैं. 

इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को अन्य सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया है कि दिल्ली में रहने वाले प्रत्येक प्रवासी नागरिक का ख्याल दिल्ली सरकार द्वारा रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले प्रत्येक प्रवासी तक सहायता पहुंचाने की हम हर संभव कोशिश करेंगे.

(इनपुट - विशाल पांडे, पीयूषा शर्मा)

ये भी देखें...