FIR On Gurpatwant Pannun: गुरपवन्त पन्नून ने रिपब्लिक डे से पहले अशांति फैलाने की धमकी दी है, जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सभी दावों की जांच की जा रही है.
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FIR On Gurpatwant Pannun: दिल्ली पुलिस ने रिपब्लिक डे से पहले राजधानी में अशांति फैलाने की धमकी देने के आरोप में खालिस्तानी उग्रवादी गुरपवन्त पन्नून के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पन्नून, जो अमेरिका में रहते हैं, सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें दावा किया गया कि रोहिणी और डबरी क्षेत्रों में उनके स्लीपर सेल्स ने खालिस्तान पोस्टर लगाए हैं.
वीडियो में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द भी इस्तेमाल किए थे. हालांकि, पुलिस ने जांच में पाया कि पोस्टर उन स्थानों पर नहीं थे. पन्नून ने वीडियो में कहा कि जो कोई प्रधानमंत्री को 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोक सके, उसे 1,11,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा. उन्होंने पंजाब में रेलवे ट्रैक पर खालिस्तान झंडे लगाने जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया है.
लग गई है ये धारा-
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (शत्रुता को बढ़ावा देना), 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप), 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई है. सीनियर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी दावों की जांच की जा रही है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर निगरानी रखी जा रही है.
दिल्ली पुलिस ने 77वें गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है. इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिली खतरों की सूचनाओं के बाद, कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बहु-स्तरीय सुरक्षा तैनात की गई है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त रखा गया है ताकि कोई अप्रत्याशित घटना न हो पाए.
पुलिस का कहना है कि वीडियो और पन्नून के दावों की गंभीरता से जांच की जा रही है. यह कदम गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है. नागरिकों से भी सुरक्षा व्यवस्था का सहयोग करने की अपील की गई है ताकि उत्सव सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा सके.
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