'डिजिटल सेंसस' के जरिये होगी जनगणना 2021, पहली बार लोगों से पूछे जाएंगे ये सवाल

2021 जनगणना में सरकार नुमाइंदे उन इलाकों में हेलीकॉप्टर से भी जाएंगे जहां जाना मुश्किल होगा.

'डिजिटल सेंसस' के जरिये होगी जनगणना 2021, पहली बार लोगों से पूछे जाएंगे ये सवाल
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: जनगणना 2021 (Census 2021) का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक होगा. इस चरण का नाम हाउसहोल्ड लिस्टिंग है. 2021 की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी. आंकड़े मोबाइल के जरिए जुटाएं जाएंगे. वहीं इस बार कई सवाल पहली बार पूछे जाएंगे. 

जनगणना के पहले चरण में सवाल हाउसहोल्ड (Household) आधारित होंगे न कि व्यक्तिगत. पहले चरण में घर का मुखिया कौन है, घर में कौन-कौन सी सुविधाएं है, कितने लोग हैं जैसे सवालों को शामिल किया जाएगा.

दूसरा चरण 2021 फरवरी में होगा जिसमें व्यक्तिगत सवाल होंगे, पहले चरण में घर में कितने लोग रह रहे हैं इसका आइडिया लिया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि गणना करनेवाला शख्स कितनी जनसंख्या कवर कर रहा है.

2021 जनगणना में सरकार के नुमाइंदे उन इलाकों में हेलीकॉप्टर से भी जाएंगे, जहां जाना मुश्किल होगा. हालांकि पिछली बार 2011 के जनगणना में भी इसका इस्तेमाल हुआ था, लेकिन इस बार विस्तृत तरीके से इसका इस्तेमाल होगा. 

पहले चरण में हाउसलिस्टिंग प्रक्रिया भी शामिल है. इसमें 31 टॉपिक कवर करते हुए 34 सवाल होंगे जैसे- घर में इंटरनेट है या नहीं, मेल- फीमेल या ट्रांसजेंडर कौन घर का मुखिया है, सोर्स आफ ड्रिंकिंग वाटर पैकेज या सप्लाई है.

इस बार ये सवाल पहली बार पूछे जाएंगे 
-घर में मौजूद शौचालय कंबाइन्ड हैं या सिर्फ इसी घर के लिए
-घर के मालिक का कहीं और भी घर है क्या?
-किचन में एलपीजी कनेक्शन है या नहीं और कुकिंग एनर्जी  का मुख्य स्रोत क्या है?
-रेडियो या टीवी किस डिवाइस पर उपयोग किया जा रहा है और टीवी डीटीएच या किससे कनेक्टेड है?
-बैंक अकाउंट के बारे में हर व्यक्ति से पूछा जाएगा, घर में मोबाइल नंबर देना चाहें तो घर के लोग दे सकते हैं. 

पहली बार डिजिटल सेंसस
-पहली बार यह डिजिटल सेंसस होगा जिसमें अधिकारी मोबाइल के जरिए डाटा ले सकेंगे.
-जनगणना के लिए विशेष ऐप अधिकारियों के पास होगा जिसका वे इस्तेमाल करेंगे. इसके लिए खास ऐप सरकार ने विकसित किया है जो गणना अधिकारियों को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा.
-अधिकारियों को चार फेज में ट्रेनिंग दी जाएगी जिनमें नेशनल ट्रेनिंग, मास्टर ट्रेनिंग, फील्ड ट्रेनिंग और इन्यूमिनेटर शामिल हैं. नेशनल ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है.
-पहले चरण में 30 लाख कर्मचारी शामिल होंगे. पिछली बार एनपीआर को छोड़कर गणना अधिकारी को 5,500 रुपये मिले थे. इस बार गणना करनेवाला अधिकारी. हाउसलिस्टिंग, सेंसस का काम और नेशनल पापुलेशन रजिस्टर का काम करेगा इसलिए उसे 25000 रुपये मिलेंगे.

एनपीआर की प्रक्रिया भी 1 अप्रैल से होगी शुरू
-नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) की प्रक्रिया भी 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगी. पश्चिम बंगाल और केरल ने राज्य में नेशनल पापुलेशन रजिस्टर न लागू करने की बात  अधिकारिक स्तर पर कही है और रजिस्ट्रार जनरल आफ इंडिया को इसकी जानकारी मिली है.
-बाकी सभी राज्यों ने नेशनल पापुलेशन रजिस्टर की प्रक्रिया को नोटिफाई कर दिया है. एनपीआर में कोई बायोमेट्रिक नहीं मांगा जा रहा है कोई पेपर नहीं मांगा जाएगा. आप सिर्फ सही जानकारी दीजिए.
-एनपीआर में गणना अधिकारी आधार नंबर, मोबाइल नंबर, डीएल नंबर यदि हाउसहोल्ड के पास है तो मांगेंगे, सिर्फ जानकारी मांगी जाएगी, कागज नहीं मांगे जाएंगे, पैननंबर प्रीटेस्ट एनपीआर में था पर अब उसको हटा दिया गया है।
-जनगणना और एनपीआर के पहले चरण के फार्म में हाउसहोल्ड को ये बताना होगा कि जो जानकारी उन्होनें दी है वो सही है. 

इस बार एनपीआर में ये नए सवाल शामिल किए जाएंगे
-मातृभाषा क्या है, पिछली बार हाउसहोल्ड का मालिक कहां रह रहे थे, जन्म स्थान की जगह, अभिभावकों की जानकारी मांगी जाएगी
-इसके साथ ही एनपीआर और सेंसस का फार्म अलग अलग होगा.