Electoral Reforms SIR: संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन चुनाव सुधारों और एसआईआर पर बहस के बीच बुधवार को भारी हंगामा हुआ. गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला तो दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह को डिबेट की चुनौती दे डाली.
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Amit Shah Debate: संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन चुनाव सुधारों और एसआईआर पर बहस के बीच बुधवार को भारी हंगामा हुआ. गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला तो दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह को डिबेट की चुनौती दे डाली. राहुल गांधी लगातार वोट चोरी और SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर सवाल कर रहे थे. अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि पहली वोट चोरी जवाहरलाल नेहरू, दूसरी इंदिरा गांधी और तीसरी सोनिया ने की.
कांग्रेस पर शाह का बड़ा हमला
अमित शाह ने कहा, 'आजादी के बाद देश का प्रधानमंत्री तय होना था. उस समय 28 वोट सरदार पटेल जी को मिले और 2 वोट जवाहरलाल नेहरू जी को मिले, और प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी बने.
दूसरे प्रकार की वोट चोरी. श्रीमती इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनी गईं.राज नारायण इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे और कहा कि यह चुनाव नियमों के अनुसार नहीं हुआ है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि यह चुनाव सही तरीके से नहीं जीता गया है, इसलिए इसे रद्द किया जाता है. उसके बाद इस 'वोट चोरी' को ढकने के लिए संसद में कानून लाया गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई केस ही नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा, 'अभी अभी दिल्ली की सिविल अदालत में एक वाद पहुंचा है कि सोनिया गांधी जी इस देश की नागरिक बनने से पहले मतदाता बनीं. हम भी विपक्ष में बैठे हैं, हम जितना चुनाव जीते हैं, उससे ज्यादा हारे हैं. हम लोगों की पौना जिंदगी विपक्ष में चली गई. लेकिन हमने चुनाव आयोग या चुनाव आयुक्त पर कभी आरोप नहीं लगाया है.'
राहुल गांधी के आरोपों पर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने आगे कहा, 'विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने 5 नवंबर 2025 को एक प्रेस वार्ता में एक 'परमाणु बम' फोड़ा. उस 'परमाणु बम' में उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में एक ही घर में 501 वोट पड़े हुए हैं. चुनाव आयोग ने साफ किया कि हाउस नंबर 265 कोई छोटा मकान नहीं है, बल्कि एक एकड़ के पुश्तैनी प्लॉट पर बने कई परिवारों का संयुक्त आवास है. लेकिन हर परिवार को अलग-अलग घर नंबर नहीं दिए गए हैं, इसलिए उनका हाउस नंबर 265 ही लिखा है. और उनमें से एक परिवार की तो तीन पीढ़ियां साथ रह रही हैं. जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार चुनी गई तब से ये नंबर ऐसा ही चल रहा है. ये न तो फर्जी घर है और न ही फर्जी वोट है.'
#WATCH | Speaking on electoral reforms, in Lok Sabha, Union HM Amit Shah says, "In his press conference, the LoP levelled allegations that the voter list is not corrected and needs to be rectified. So, what is SIR? It is the procedure to sanitise the voter list. He is opposing… pic.twitter.com/VUbpOBiRY9
— ANI (@ANI) December 10, 2025
'SIR कई घटनाओं को रोकेगा'
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने दावा किया है कि कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट में दो अलग-अलग जगहों पर रजिस्टर्ड हैं. जिन लोगों का नाम दो बार आता है, उन्हें दोष देना गलत है, क्योंकि यह अक्सर सिस्टम से जुड़ी दिक्कतों का नतीजा होता है.' 2010 से, रिटर्निंग ऑफिसर का डुप्लीकेट एंट्री हटाने का अधिकार खत्म कर दिया गया है, जिससे ऐसी गड़बड़ियां हुई हैं. असल में, कई ऐसे नेता हैं जिनके नाम एक से ज़्यादा जगहों पर रजिस्टर्ड हैं. ये अपडेटेड नियमों की वजह से होने वाली आम गलतियां हैं. SIR ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए है, फिर भी हम पर "वोट चोरी" का आरोप लगाया जा रहा है.
#WATCH | Speaking on electoral reforms, in Lok Sabha, Union HM Amit Shah says, "On 5th Nov 2025, LoP Rahul Gandhi defused a "Hydrogen Bomb" in a press conference. He said that 501 votes were cast from just one house in Haryana. EC clarified everything...Neither the house nor the… pic.twitter.com/s3DTmdFnNz
— ANI (@ANI) December 10, 2025
'हम भी कई राज्यों में चुनाव हारे हैं'
शाह ने आगे कहा, कांग्रेस कहती है कि भाजपा को कभी सत्ता विरोधी लहर का सामना नहीं करना पड़ता. सत्ता विरोधी लहर का सामना तो उन्हें करना पड़ता है जो जनहित के विरुद्ध काम करते हैं. यह बात सही है कि भाजपा को सत्ता विरोधी लहर का कम सामना करना पड़ता है, हमारी सरकारें बार-बार चुनकर आती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि हम 2014 के बाद कोई चुनाव नहीं हारे.
उन्होंने कहा, 'छत्तीसगढ़ 2018 में हारे, राजस्थान 2018 में हारे, मध्य प्रदेश 2018 में हारे. कर्नाटक 2014 के बाद हारे. तेलंगाना हम जीत नहीं पाए, चेन्नई हम जीत नहीं पाए, बंगाल भी हारे. तब तो आप नए कपड़े पहनकर शपथ ले लेते हैं, उस वक्त मतदाता सूची का विरोध नहीं करते थे। लेकिन जब बिहार की तरह मुंह की पटकनी पड़ती है, तब मतदाता सूची गलत होती है. लोकतंत्र में दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे'.