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अब हानिकारक इंक का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी फूड कंपनियां- FSSAI

हालांकि इसे अभी लागू करने में एक से डेढ साल का वक्त लगेगा. ड्राफ्ट बनाने में छह महीने के करीब लग जाएगा. रेगुलेशन अगस्त से पब्लिश हो जाएगा और अगले साल जुलाई से इसे लागू करने के बारे में विचार हो रहा है. 

अब हानिकारक इंक का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी फूड कंपनियां- FSSAI
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नई दिल्ली (सुमन अग्रवाल): अब फूड पैकेज्ड के ऊपर इस्तेमाल होने वाली इंक को लेकर आएंगे नए नियम. फसाई प्रिटिंग इंक पर नए रेगुलेशन लेकर आ रही है. अब तक फूड पैकेट्स के ऊपर जिस इंक का इस्तेमाल होता है उसे लेकर कोई नियम नहीं थे. लेकिन अब फूड कंपनियां पैकेज्ड पर हानीकारक इंक से लेबलिंग नहीं कर पाएंगी. हालांकि इसे अभी लागू करने में एक से डेढ साल का वक्त लगेगा. ड्राफ्ट बनाने में छह महीने के करीब लग जाएगा. रेगुलेशन अगस्त से पब्लिश हो जाएगा और अगले साल जुलाई से इसे लागू करने के बारे में विचार हो रहा है. 

दरअसल, बीआईएस के पास फूड पैकेज पर इस्तेमाल होने वाली इंक की एक पूरी सूची है. लेकिन फूड कंपनियां बीआईएस के नियमों को वोलेनटरी की तरह लेती हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. फसाई के रेगुलेशन अनिवार्य होंगे और कंपनियों को सावधानी के साथ खाने की चीजों से सीधे संपर्क में आने वाली इंक का इस्तेमाल करना होगा. 

FSSAI Advisor (Standards) कुमार अनील ने कहा कि इस रेगुलेशन के बाद फूड पैकेट्स के ऊपर इस्तेमाल होने वाली इंक एक नियम के अंतर्गत आ जाएगी और कंपनियां नुकसान करने वाली कोई भी इंक का इस्तेमाल नहीं कर पाएगी. बीआईएस ने पहले से ही टोलुईन (toluene) नाम के केमिकल के इस्तेमाल पर बैन लगाया हुआ है. ये केमिकल इंक में होता है. जो मानव शरीर के लिए बहुत नुकसान दायक है. ये लिवर और किडनी को डैमेज कर हमारे नर्वस सिस्टम और ब्रेन को भी नुकसान पहुंचा सकता है. लेकिन अफसोस भारत में फूड पैकेजिंग के बाजार में 90 फीसदी फू़ड कंपनियां फूड पैकेट्स पर टोलुईन का इस्तेमाल करती हैं.