मैगी की सभी वेरायटी बाजार से हटाने का आदेश, बैन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची नेस्‍ले; सरकार ने कहा- सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं

भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामकों ने शुक्रवार को मैगी नूडल्स की सभी नौ वैरायटी को बाजार से हटाए जाने और इसके विनिर्माण और बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया जबकि नेस्ले ने कहा कि ‘बेबुनियाद कारणों’ से मैगी की गुणवत्ता को लेकर ‘भ्रम’ पैदा हुआ। नेस्ले ने बाजार से मैगी का सारा माल वापस लेने का बड़ा फैसला किया है। नेस्ले ने कहा है कि मैगी पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन मामला शांत होने तक बाजार में माल नहीं उतारेंगे।

मैगी की सभी वेरायटी बाजार से हटाने का आदेश, बैन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची नेस्‍ले; सरकार ने कहा- सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं
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नई दिल्ली : भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामकों ने शुक्रवार को मैगी नूडल्स की सभी नौ वैरायटी को बाजार से हटाए जाने और इसके विनिर्माण और बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया जबकि नेस्ले ने कहा कि ‘बेबुनियाद कारणों’ से मैगी की गुणवत्ता को लेकर ‘भ्रम’ पैदा हुआ। नेस्ले ने बाजार से मैगी का सारा माल वापस लेने का बड़ा फैसला किया है। नेस्ले ने कहा है कि मैगी पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन मामला शांत होने तक बाजार में माल नहीं उतारेंगे। उधर, बिहार सरकार ने राज्य में मैगी नूडल्स की बिक्री पर एक महीने के लिए प्रतिबंध लगाया है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा कि राज्य में मैगी नूडल्स की प्रयोगशाला में जांच में कुछ भी ‘आपत्तिजनक पदार्थ’ नहीं मिला इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।

वहीं, महाराष्‍ट्र में भी शुक्रवार को मैगी की बिक्री पर रोक लगा दी गई। जांच में मैगी के तीन सैंपल फेल हुए। महाराष्‍ट्र के खाद्य मंत्री ने आज एक बयान में कहा कि जांच में मैगी के 6 सैंपल में 3 फेल हो गए। हालांकि, इससे पहले 9 सैंपलों को टेस्‍ट में क्‍लीन चिट दी गई थी। इससे पहले, महाराष्‍ट्र एफडीए के अनुसार मैगी के नौ सैंपल लिए गए थे और उसमें लेड की मात्रा निर्धारित मानकों की सीमा के अंदर पाई गई।

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को मैगी मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि मैगी के कई नमूनों की जांच के बाद पता चला है कि मैगी ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया है, और देशवाशियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके पहले मैगी पर कसते शिकंजे के बीच नेस्ले ने अब कोर्ट का सहारा लिया है। उत्तराखंड में बैन के खिलाफ आज नेस्ले ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से 15 दिन में जवाब मांगा है। नेस्ले इंडिया कंपनी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक सिंह की एकल खंडपीठ ने राज्य सरकार को मामले पर 15 जून तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में इस बात को आधार बनाया गया है कि प्रदेश सरकार ने मैगी नूडल्स के संबंध में अपनी जांच रिपोर्टों को कंपनी के साथ साझा किये बिना उसके विनिर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाकर एकतरफा फैसला लिया है। गौरतलब है कि लोकप्रिय खाद्य उत्पाद मैगी नूडल्स के नमूने प्रयोगशाला जांच में फेल हो जाने के बाद अन्य कई राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी कल तीन माह के लिये उसके विनिर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगा दी गयी थी। प्रदेश के प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य, ओम प्रकाश ने बताया कि मैगी नूडल्स के परीक्षण हेतु लिये गये 300 नमूनों में से दो नमूनों के जांच में फेल हो जाने के बाद उसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया।

दिल्ली, उत्तराखंड, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश ने भी जहां मैगी नूडल्स पर रोक लगाने का फैसला किया तो वहीं स्विस कंपनी के वैश्विक मामलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल बल्के ने कहा कि यह खाने के लिए ‘पूरी तरह सुरक्षित’ है। उन्होंने ‘जल्द से जल्द’ उपभोक्ताओं का विश्वास जीतने और लोकप्रिय स्नैक की वापसी कराने का वादा किया। फटाफट नूडल्स में एमएसजी और सीसे की कथित मौजूदगी को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद नेस्ले इंडिया ने बीती शाम मैगी नूडल्स को बाजार से वापस मंगाने का फैसला किया था। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने कंपनी को मैगी की सभी नौ वैरायटी को बाजार से वापस मंगाने का आदेश देते हुए उन्हें लोगों के खाने के लिहाज से ‘असुरक्षित और खतरनाक’ बताया।

नियामक ईकाई ने नेस्ले को एक कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर यह जवाब देने को कहा कि क्यों न उसे नौ वैरायटी के लिए दी गयी उत्पाद मंजूरी को वापस ले लिया जाए। एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाई एस मलिक द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है, कंपनी को इस संबंध में तीन दिन के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया जाता है। साथ ही कंपनी नूडल्स को वापस मंगाए जाने की प्रगति रिपोर्ट इस प्रक्रिया के पूर्ण होने तक प्रतिदिन के आधार पर दाखिल करे। एफएसएसएआई ने यह भी कहा है कि नेस्ले ने बिना मंजूरी के ‘मैगी ओट्स मसाला नूडल्स’ को बाजार में पेश किया। नियामक ने इसे भी बाजार से वापस मंगाए जाने का आदेश देते हुए कहा कि कंपनी ने इस उत्पाद की गुणवत्ता का कोई आकलन नहीं किया। आदेश में कहा गया है कि मानवीय उपभोग के लिए असुरक्षित और खतरनाक पाए जाने के बाद बाजार से मैगी नूडल्स की सभी नौ वैरायटी को वापस मंगाएं और आगे से इसका उत्पादन, प्रसंस्करण, आयात, वितरण और बिक्री को तत्काल प्रभाव से बंद करें। एफएसएसएआई ने कहा कि नेस्ले ने स्वाद बढ़ाने वाले ‘एमएसजी’ पर लेबलिंग संबंधी नियमों का उल्लंघन किया है और कंपनी को तीन दिन के भीतर आदेश की अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। राष्ट्रीय स्तर पर इस विवाद के पैदा होने के चलते बल्के हालात का जायजा लेने के लिए स्विटजरलैंड से यहां आए हैं।

उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि हमें लगता है कि बेबुनियाद कारणों से भ्रम पैदा हुआ और उपभोक्ताओं का भरोसा डगमगा गया। सीईओ ने कहा कि हम दुनिया में जो गुणवत्ता मानक और विधियां अपनाते हैं, भारत में भी उन्हीं को अपनाया गया। हमारी जांच में पाया गया है कि मैगी पूरी तरह सुरक्षित है।  उन्होंने कहा कि कंपनी ‘मैगी को जितना जल्द संभव हो सके, वापस लाने’ के प्रयासों के तहत यह पता लगाने के मकसद से भारत में प्रशासन के साथ जांच के तौर तरीकों को साझा कर रही है कि कैसे प्रशासन द्वारा की गयी जांच में सीसे की मात्रा निर्धारित स्तर से अधिक पाई गई है।

बल्के ने कहा कि हमारा मुख्य ध्यान उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने पर केंद्रित है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि मैगी नूडल्स सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं है , राज्य में इसकी बिक्री पर रोक रहेगी। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने आज कहा कि यह ‘सही’ है कि उत्पाद सुरक्षा नियमों के अनुपालन में विफल रहा है। उन्होंने साथ ही आश्वासन दिया कि खाद्य सुरक्षा के मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। नड्डा ने कहा कि उनके मंत्रालय को सभी राज्यों से रिपोर्ट मिल गई है और उनका आकलन करने के बाद यह नतीजा निकला कि मैगी की नौ वैरायटी को बाजार से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि खाद्य सुरक्षा और मानकों का नेस्ले कंपनी और मैगी उत्पादों ने अनुपालन नहीं किया। इसलिए हमने निर्देश दिए हैं कि सभी नौ वैरायटी को बाजार से वापस मंगाया जाना चाहिए। मैगी को सुरक्षित बताने संबंधी नेस्ले के सीईओ के बयान के बारे में पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने हर राज्य द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट को देखा है और उसके बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं।

नड्डा ने कहा कि मैं हमारे देश के लोगों को यह आश्वासन देना चाहूंगा कि जहां तक खाद्य सुरक्षा और संरक्षा की बात है, कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी उपाय किए जाएंगे तथा सभी स्तरों पर खाद्य सुरक्षा का अनुपालन किया जाएगा। इस सारे विवाद के बीच मैगी के लिए एक अच्छी खबर भी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि राज्य में मैगी नूडल्स के नमूनों की जांच में कोई ‘आपत्तिजनक सामग्री’ नहीं पाई गई है और इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

बिहार के खाद्य सुरक्षा आयुक्त आनंद किशोर ने आज पत्रकारों को बताया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और अन्य राज्यों में मैगी नूडल्स की जांच के दौरान उसमें ‘लेड’ और एमएसजी वैधानिक तौर पर जायज मात्रा से अधिक पाए जाने उसपर प्रतिबंध लगाने की सूचना प्राप्त होने पर हम उसकी बिक्री, वितरण और उसे प्रदर्शित करने पर एक महीने के लिए प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि मैगी का उत्पादन बिहार में नहीं होता है पर उसे बिक्री और वितरण के लिए अन्य राज्यों से यहां लाया जाता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा कि राज्य में मैगी नूडल्स की प्रयोगशाला में जांच में कुछ भी ‘आपत्तिजनक पदार्थ’ नहीं मिला इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। ममता ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केन्द्र और राज्य की प्रयोगशालाओं में उत्पाद के पांच परीक्षण किये गये। कोलकाता नगर निगम ने भी मैगी के तीन परीक्षण कराए। लेकिन अब तक कोई नुकसानदेह पदार्थ नहीं मिला। राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया। हालांकि उन्होंने कहा कि दिन में राज्य सरकार को मैगी नूडल्स की बिक्री पर पाबंदी वाला केन्द्र सरकार का सकरुलर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा संविधान की समवर्ती सूची में आता है।  

गंगटोक से मिली रिपोर्टों के अनुसार सिक्किम सरकार ने मैगी के साथ ही दो अन्य लोकप्रिय ब्रांड के स्नैक्स के नमूनों को जांच के लिए गुवाहाटी भेजा है। जम्मू कश्मीर में मैगी नूडल्स की बिक्री पर रोक लगाए जाने के एक दिन बाद आज पुलवामा जिले में प्रशासन ने बाजार से मैगी नूडल्स के 85 कार्टन जब्त किए। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पुलवामा जिले में मुख्य बाजार से मैगी नूडल्स और अन्य नूडल्स के नौ नमूने जांच के लिए एकत्र किए और 85 कार्टन जब्त कर लिए।