CBI के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को क्लीनचिट, इनकी बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सीबीआई ने प्रसाद और शिकायतकर्ता सतीश सना बाबू के बीच की कॉल डिटेल भी प्राप्त की है.

CBI के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को क्लीनचिट, इनकी बढ़ सकती हैं मुश्किलें
सीबीआई ने 15 अक्टूबर, 2018 को अस्थाना के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना और आर एंड ए डब्ल्यू चीफ सामंत गोयल को 2018 में एजेंसी द्वारा दर्ज रिश्वत मामले में क्लीनचिट दे दी. सीबीआई ने दुबई के मनोज प्रसाद के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है, जिसे इसने पूर्व में गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने प्रसाद और शिकायतकर्ता सतीश सना बाबू के बीच की कॉल डिटेल भी प्राप्त की है.

जांच एजेंसी ने अदालत में एक आवेदन दिया है, जिसमें कहा गया है कि उसके भाई, सोमेश और सुनील मित्तल के खिलाफ जांच की आवश्यकता है.

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, कोई साक्ष्य नहीं है जो दिखाता है कि अस्थाना ने कभी धनशोधन मामले में शिकायतकर्ता बाबू को बचाने के लिए कोई रिश्वत मांगी या दी. यह धनशोधन मामला विवादास्पद मीट निर्यातक मोइन कुरैशी से जुड़ा है.

सीबीआई ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि अस्थाना और प्रसाद के बीच कोई संबंध नहीं है. सीबीआई ने यह भी कहा कि बाबू के प्रसाद के साथ हुई चर्चा में किसी भी नौकरशाह की कोई भूमिका नहीं थी.

सीबीआई निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने जांच अधिकारी सतीश डागर और पद क्रम के चार अन्य लोगों के साथ सहमति जताई की अस्थाना सहित अन्य नौकरशाहों के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता.

हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू सना द्वारा दायर शिकायत के तहत भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रांसगिक धाराओं के तहत अस्थाना के खिलाफ आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार और आपराधिक कदाचार के मामले दर्ज किए गए. अस्थाना ने आरोपों से दृढ़तापूर्वक इनकार किया. सीबीआई ने 15 अक्टूबर, 2018 को अस्थाना के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की.