जब पी. चिदंबरम ने CBI अदालत में बेटे कार्ति से कहा, चिंता मत करो, मैं हूं ना!

न्यायाधीश ने कार्ति के माता-पिता को जांच अधिकारी की मौजूदगी में सुनवाई के बीच अवकाश के समय में उनसे बात करने की इजाजत दी.

जब पी. चिदंबरम ने CBI अदालत में बेटे कार्ति से कहा, चिंता मत करो, मैं हूं ना!
पी. चिदंबरम ने अपने बेटे की पीठ पर हाथ रखकर हौसला दिया...(फोटो साभार: ANI)

नई दिल्ली: पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को सीबीआई की अदालत में पेश हुए अपने बेटे कार्ति से कहा, "चिंता मत करो मैं यहां हूं." आईएनएक्स मीडिया से जुड़े कथित रिश्वत मामले में कार्ति को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत में गुरुवार में उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाने के लिए पेश किया गया था. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने अपने बेटे की पीठ पर हाथ रखकर उनको हौसला दिया. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम पहले से ही अदालत में मौजूद थीं. सीबीआई न्यायाधीश सुनील राणा के सामने तीन घंटे चली बहस के दौरान अधिवक्ता दंपति अदालत में मौजूद थे. 

न्यायाधीश ने कार्ति के माता-पिता को जांच अधिकारी की मौजूदगी में सुनवाई के बीच अवकाश के समय में उनसे बात करने की इजाजत दी. अदालत ने इसके बाद अपने फैसले में कार्ति की सीबीआई हिरासत अवधि पांच दिन के लिए बढ़ा दी. न्यायाधीश ने कार्ति को घर का बना भोजन खाने की अनुमति तो नहीं दी, लेकिन उन्हें दवाई लेने और स्वास्थ्य जांच करवाने की इजाजत दी. 

5 दिन की सीबीआई रिमांड पर कार्ति
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में कार्ति चिदंबरम को 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है. कार्ति चिदंबरम 6 मार्च तक सीबीआई रिमांड पर रहेंगे. कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम के वकील को सुबह-शाम एक घंटे मुलाकात करने की अनुमति दी है. हालांकि कार्तिक को घर का खाना खाने की अनुमति नहीं दी गई. इससे पहले, सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया और उन्हें 14 दिन की हिरासत में देने का आग्रह किया. कार्ति को यहां विशेष न्यायाधीश सुनील राणा के समक्ष पेश किया गया. कार्ति की मां व वरिष्ठ वकील नलिनी चिदंबरम भी अदालत में कार्ति के पास बैठी दिखीं. कार्तिक के पक्ष में वकीलों की एक टीम खड़ी की गई. 

मीडिया के सवालों से बचते नजर आए कार्ति
कोर्ट में पेशी के दौरान जाते वक्त कार्ति चिदंबरम मीडिया से सवालों से बचते हुए नजर आए. इससे पहले बुधवार को सीबीआई के कार्ति के लिए 15 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ 1 दिन के लिए ही मंजूरी दी थी. सीबीआई द्वारा आईएनएक्स मीडिया मामले में बुधवार (28 फरवरी) को कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी प्राथमिकी दर्ज करने के नौ महीने बाद हुई और इस दौरान कानूनी लड़ाई चली जिसमें जांच एजेंसी ने मद्रस उच्च न्यायालय से लेकर उच्चतम न्यायालय तक मामले में दलीलें रखीं थी.

पी चिदबंरम से भी हो सकती है पूछताछ
गुरुवार को कोर्ट में कार्ति की पेशी के बाद इस बात की आशंका तेज होने लगी है कि जल्द ही उनके पिता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदबरंम से भी सीबीआई पूछताछ कर सकती है. इस खबर इस बात से भी तूल मिल रहा है कि क्योंकि पी.चिदबरंम अपनी विदेश यात्रा को बीच में छोड़कर स्वदेश लौट आए हैं.

क्या है मामला
मामला कथित तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति से जुड़ा है. मामला सबसे पहले उच्चतम न्यायालय तब पहुंचा था जब सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ जारी दो लुकआउट सर्कुलरों पर मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा जारी स्थगन आदेश को चुनौती दी थी.