DNA Analysis: अब हम, पाकिस्तान के अंदर भड़कती चिंगारी का विश्लेषण करेंगे. ये चिंगारी ऐसी है, जो रावलपिंडी की सत्ता के सिंहासन को राख कर सकती है. जिस शख्स को पाकिस्तानी सेना ने करीब दो साल से जेल में बंद कर रखा है, उस इमरान खान की रिहाई के लिए अब खुली बगावत का ऐलान हो चुका है. इमरान खान ने आसिम मुनीर से मौत मांगी है या फिर आजादी देने को कहा है.
Trending Photos
)
DNA: इमरान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों ने पाकिस्तान के सबसे मजबूत गढ़ खैबर पख्तूनख्वा से सेना और शहबाज सरकार को ललकारा है. कोहाट इलाके में इमरान खान के समर्थन में विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें आम जनता से लेकर पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के हजारों समर्थक जुटे और मुनीर को चुनौती देने वाला नारा दिया गया 'आजादी या मौत'! यानी अब पाकिस्तान में या तो सेना की तानाशाही खत्म होगी या फिर सड़कों पर खून बहेगा. ये नारा सिर्फ इमरान खान की रिहाई की लड़ाई का आगाज नहीं ये लड़ाई उससे कहीं बड़ी है. जेल में इमरान हैं सड़कों पर पाकिस्तान है! सवाल है मुनीर की सेना क्या गोली चलाएगी? क्या ये गृहयुद्ध की शुरुआत है? इमरान पर देशद्रोह का फंदा कसने की तैयारी है. क्या इमरान का भुट्टो जैसा अंजाम होगा? पाकिस्तान में सबसे खतरनाक नारा गूंजा है. ये इमरान की नहीं, क्या यह मुनीर की तानाशाही के अंत की कहानी है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको ये रिपोर्ट पढ़नी चाहिए.
इमरान समर्थकों का नारा
'आजादी या मौत' ये नारा पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के खिलाफ गूंज रहा है. ये नारा रावलपिंडी से इस्लामाबाद तक सत्ता के खिलाफ शंखनाद का नारा बन चुका है. करीब दो साल से अदियाला जेल में बंद इमरान खान को रिहा कराने के लिए खैबर पख्तून्ख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी ने नई मुहिम छेड़ दी है. अफरीदी, इमरान खान की पार्टी तहरीके इंसाफ के हजारों समर्थकों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं. मकसद साफ है बुजदिल मुनीर और उनकी कठपुतली शहबाज सरकार के सामने झुकना नहीं, बल्कि इमरान की रिहाई कराकर ही दम लेना है. इधर जेल के भीतर इमरान खान पर एक के बाद एक केस लादे जा रहे हैं. भ्रष्टाचार के आरोप के बाद अब मुनीर और शहबाज इमरान पर देशद्रोह का फंदा कसने की तैयारी कर रहे हैं. पाकिस्तान के जानकार चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इमरान पर मुनीर की कठपुतली अदालतों के जरिए देशद्रोह साबित कराया गया, तो इतिहास खुद को दोहरा सकता है. जुल्फिकार अली भुट्टो की तरह इमरान खान को भी फांसी के फंदे पर लटकाया जा सकता है.
इमरान की रिहाई
इमरान समर्थकों का आरोप है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को जेल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है. सोहेल अफरीदी का कहना है कि उन्हें दसवीं बार इमरान से मिलने से रोका गया. अदियाला जेल के बाहर हालात विस्फोटक हैं. इमरान की बहनें, PTI कार्यकर्ता और खुद मुख्यमंत्री कई दिनों से डटे हुए हैं. इस बीच इमरान की सेहत को लेकर फैल रही अफवाहें इस ज्वालामुखी को और भड़का रही हैं और अब मामला पाकिस्तान की सीमाओं से बाहर निकल चुका है. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. आरोप है कि इमरान खान को लंबे समय तक एकांतवास में रखा गया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. नियमों के मुताबिक किसी भी कैदी को 15 दिनों से ज्यादा अकेले नहीं रखा जा सकता. यूएन की विशेष दूत ऐलिस जिल एडवर्ड्स ने शहबाज सरकार को लताड़ लगाई और कहा 'अमानवीय हिरासत खत्म करो'. इस बीच इमरान की पूर्व पत्नी जेमिमा खान ने एक्स पर बम फोड़ा 'सरकार मेरे पोस्ट्स ब्लॉक कर रही है, ताकि इमरान की सच्चाई छिपे'.
यह भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों पर हमले का जिम्मेदार कौन? पाकिस्तान को छोड़ ईरान के पीछे पड़ा इजरायल
इमरान के वक्त भारत से रिश्ते
ये सब मुनीर और शहबाज की मिलीभगत का नतीजा है, जो पाकिस्तान को अंधेरे में धकेल रहे हैं. खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान में इमरान का सबसे मजबूत गढ़ है, जहां फौज की धमकियों के बावजूद पीटीआई ने चुनाव जीते. यहां की जनता मुनीर की दमनकारी नीतियों से तंग आ चुकी है. अगर ये आंदोलन फैला, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सेना दोनों कमजोर होंगी. इस भारत के लिए सीमा पर शांति का मौका बढ़ेगा. याद रखिए, इमरान के दौर में भारत-पाक रिश्ते थोड़े बेहतर थे, लेकिन मुनीर की हुकूमत ने सब बिगाड़ दिया. एक तरफ बंदूक है, दूसरी तरफ बगावत. एक तरफ जुल्म ढाने वाली हुकूमत है, दूसरी तरफ लोकतंत्र के लिए लड़ते इमरान समर्थक. अभी पाकिस्तान से बस इतना है इससे आगे की दास्तान वक्त पर छोड़ दीजिए.