close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को दिया गया 'भारत रत्न'

भारत सरकार ने इस साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा समाजसेवी नानाजी देशमुख और संगीतकार और गायक भूपेन हज़ारिका को भारत रत्न देने का ऐलान किया था.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को दिया गया 'भारत रत्न'
(फोटो साभार- @rashtrapatibhvn)

नई दिल्ली: भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, संगीतकार भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को गुरुवार को भारत रत्न से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति भवन में हुए सम्मान समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित किया. बता दें संगीतकार भूपेन हजारिका और समाजसेवी नानाजी देशमुख को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया है. 

गौरतलब है कि भारत सरकार ने इस साल गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की पूर्व संध्या पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा समाजसेवी नानाजी देशमुख और मशहूर संगीतकार और गायक भूपेन हज़ारिका को भारत रत्न देने का ऐलान किया था.

दिवंगत सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख की जगह दीन दयाल रिसर्च इंस्टिट्यूट के चेयरमैन वीरेंद्रजीत सिंह ने भारत रत्न सम्मान ग्रहण किया. दिवंगत गायक भूपेन हजारिका की जगह उनके बेटे तेज हजारिका ने भारत रत्न सम्मान लिया.

प्रणब मुखर्जी जुलाई 2012 से जुलाई 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे. इसके पहले उन्होंने वित्त, रक्षा और विदेश जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली थी. साल 2004 से 2012 तक केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में उन्हें प्रमुख 'संकटमोचक' माना जाता था. 

मुखर्जी 1982 में 47 वर्ष की उम्र में देश के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बने थे. वर्ष 2004 से उन्होंने तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों विदेश मंत्रालय, रक्षा और वित्त मंत्रालय का कामकाज संभाला था. ‘प्रणब दा’ के नाम से मशहूर मुखर्जी 2012 से 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे. पिछले वर्ष नागपुर में आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने पर मुखर्जी को कुछ लोगों से आलोचना का सामना करना पड़ा था.

नानाजी देशमुख
संघ से जुड़े नानाजी देशमुख पूर्व में भारतीय जनसंघ से जुड़े थे. 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मन्त्री पद स्वीकार नहीं किया और जीवन पर्यन्त दीनदयाल शोध संस्थान के अन्तर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार हेतु कार्य करते रहे. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था. वाजपेयी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये पद्म विभूषण भी प्रदान किया.

भूपेन हजारिका
भूपेन हजारिका पूर्वोत्तर राज्य असम से ताल्लुक रखते थे. अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे. उनहोने फिल्म 'गांधी टू हिटलर' में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन 'वैष्णव जन' गाया था.  उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था.