कश्मीर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में 136 दिन बाद हुई नमाज, कोई अप्रिय घटना नहीं

कश्मीर की ऐतिहासिक जमिया मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई. अनुछेद 370 हटने के बाद जामिया मस्जिद के आसपास के इलाकों न प्रदर्शन दिखा, ना पत्थरबाज़ी. 

कश्मीर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में 136 दिन बाद हुई नमाज, कोई अप्रिय घटना नहीं
अमन क़ानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए इलाक़े में सुरक्षबलों की तैनाती भी हर समय रहती है.

श्रीनगर: कश्मीर की ऐतिहासिक जमिया मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई. अनुछेद 370 हटने के बाद जामिया मस्जिद के आसपास के इलाकों न प्रदर्शन दिखा, ना पत्थरबाज़ी. इस इलाक़े में जहां हर शुक्रवार को निमाज के बाद आसपास के इलाक़ों में प्रदर्शन और पथरबाज़ी देखी जाती है. आज शांति बनी रही. ना कोई प्रदर्शन हुआ, न ही पत्थरबाज़ी. निमाज के बाद इलाक़े में रोज़ मरहा का कामकाज लोगों ने शुरू किया. नमाज अदाकर निकले एक निमजी आरिफ़ ने कहा "हम बहुत ख़ुश हैं कि यहां फिर नमाज होने लगी है. यह हमारा खनखुदा है. यह हमेशा खुला रहना चाहिए. हमने दुआ कि यहां हमेशा अमन बना रहे." 

इस इलाक़े की बात करें तो अनुच्छेद 370  हटने के बाद जामिया मस्जिद के आसपास आए दिन सुरक्षबलों को प्रदर्शनों और पत्थरबाज़ी से निपटना पड़ता था. ख़ासकर शुक्रवार के दिन. इस जगप पर भीषण पत्थरबाज़ी हुआ करती थी. घातक पत्थरबाज़ी में दर्जनों सुरक्षाकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुआ करते थे लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद जबसे जामिया मस्जिद में फिर निमाज अदा होने लगी है, तबसे यह इलाक़ा शांतिपूर्ण बना हुआ है. इस जगह से किसी भी अप्रिय घटना की कोई ख़बर नहीं मिली है.

अमन क़ानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए इलाक़े में सुरक्षबलों की तैनाती भी हर समय रहती है. इतना ही नहीं ड्रोन से पूरे इलाक़े पर नज़र रहती है. इसके अलावा, प्रशासन से जामिया अवकाफ कमेटी और बाज़ार कमेटी से भी तालमेल बनाए रखा है. 

गौरतलब है कि ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में अनुछेद 370 हटने के बाद 136 दिनों के बाद नमाज़ अदा की गई थी. वो भी जब जमिया अवकाफ कमेटी और प्रशासन के बीच समझौता हुआ लेकिन पिछले दो शुक्रवार से हो रही शांतिपूर्वक नमाज से लगता है कि प्रशासन की पकड़ हालातों पर बेहतर हो गई है. अब प्रशासन केवल बल प्रयोग ही नहीं बल्कि रणनीति से भी काम ले रहा है ताकि लोगों को समझाया जा सके कि हिंसा से कोई मामला हाल नहीं होता.