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घाटी के अलगाववादियों को हवाला के जरिये फंडिंग, हर महीने मिल रहे हैं 50-60 लाख रुपये!

जम्‍मू-कश्मीर में बीते दो महीनों से प्रदर्शन और हिंसा का दौर जारी है। कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की ओर से बंद और प्रदर्शन के चलते में जनजीवन बाधित होता आ रहा है। घाटी के अलगावादियों को लेकर अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है।

घाटी के अलगाववादियों को हवाला के जरिये फंडिंग, हर महीने मिल रहे हैं 50-60 लाख रुपये!

नई दिल्‍ली : जम्‍मू-कश्मीर में बीते दो महीनों से प्रदर्शन और हिंसा का दौर जारी है। कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की ओर से बंद और प्रदर्शन के चलते में जनजीवन बाधित होता आ रहा है। घाटी के अलगावादियों को लेकर अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, घाटी के अलगाववादियों को हवाला के जरिये फंडिंग की जा रही है। अलगाववादियों को हर महीने 50-60 लाख रुपये मिल रहे हैं। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इन पैसों का इस्‍तेमाल घाटी में हिंसा भड़काने में किया जा रहा है।

खुफिया एजेंसियों के हवाले से खबर है कि आतंकी संगठन हिज्‍बुल महिलाओं के जरिये अलगाववादियों को फंडिंग कर रहा है। इन्‍हें हवाला के जरिये हर महीने पैसे पहुंचाए जा रहे हैं। थोड़े-थोड़े पैसे अकाउंट में ट्रांसफर किया जा रहा है और जो बाद में अलगाववादियों तक पहुंच रहा है।

सूत्रों के अनुसार, हिज्‍बुल के कैंप में बकायादा पैसे ले जाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। कैश खाली गैस सिलेंडर में भरकर ले जाए जा रहे हैं। पंजाब और जम्‍मू कश्‍मीर में मौजूद कुछ निजी एजेंट कर हवाला का काम कर रहे हैं और इनके जरिये पैसों को इधर से उधर पहुंचाया जा रहा है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले घाटी में अशांति फैलाने के लिए इस्तेमाल हो रही हवाला राशि की जांच शुरू हो गई है। श्रीनगर में बीते दिनों एनआईए की चार सदस्यीय टीम ने अब बैंक खातों को खंगालना शुरू कर दिया है। एनआईए के निशान पर अब वे बैंक खाते आ चुके हैं, जिसमें 38 करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। अब इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं इस लेन-देन का संबंध अलगाववादियों और आतंकियों से तो नहीं है। कहीं इन पैसों का इस्तेमाल क्या घाटी में आतंकवादी गतिविधियों की फंडिंग में किया गया। घाटी में फंड आने की जानकारी सेना ने एनआईए को दी थी। हवाला राशि और तमाम बैंक खातों में बाहर से आने वाली राशि की चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार एनआईए टीम के पास लगभग 100 बैंक खातों की डिटेल है। इनसे किया गया पैसों कालेन-देन संदेह के घेरे में है। शुरुआती चरण में दर्जन भर खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है। घाटी में जारी हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर हवाला राशि के इस्तेमाल के इनपुट हैं। न सिर्फ हिंसा भड़काने बल्कि आतंकवाद के साथ भी हवाला राशि के तार जुड़े हुए हैं।

गौर हो कि जम्मू-कश्मीर में विदेशों से हवाला के जरिये रुपये आने की जांच को लेकर खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं। सभी बैंकों से खुफिया एजेंसी ने एनआरआई खातों और विदेशों से आने वाले धन की रिपोर्ट मांगी है। हवाला राशि से कश्मीर के युवाओं को बरगलाने की कोशिशों को कम करने की कवायद के तहत खातों की जांच की जा रही है। कश्मीर में पिछले दो महीने से लगातार बवाल हो रहा है। युवाओं को पत्थरबाजी के लिए रुपये दिए जा रहे हैं। दो महीने तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि करोड़ों की राशि की फंडिंग बाहरी देशों से की गई है और अभी भी जारी है।

अलगाववादियों और उनके रिश्तेदारों के खाते भी खंगाले जा रहे हैं। एनआईए ने करीब एक महीने पहले हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और उनके बेटे के बैंक खातों की भी जांच की थी। केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के कश्‍मीर से लौटने के बाद बैंकों के खातों की जांच में तेजी लाई गई है।

गौर हो कि बीते आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद से ही घाटी में हिंसक विरोध प्रदर्शन और बंद की स्थिति है।