close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर खतरे के करीब पहुंचा, हजारों घरों में घुसा पानी

संगम नगरी प्रयागराज में गंगा-यमुना दोनों नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ आ गयी है. 

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर खतरे के करीब पहुंचा, हजारों घरों में घुसा पानी
.(फाइल फोटो)

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में गंगा-यमुना दोनों नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ आ गयी है. हजारों घरों में पानी घुस जाने से लोग घरों में ताला बंद कर जरुरी सामानों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं. बाढ़ प्रभावित हजारों लोग जहां अपना घर बार छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण लिये हुए हैं. तो वहीं सैकड़ों की संख्या में लोग प्रशासन की ओर से बनाये गए बाढ़ शिविरों में शरण लिये हुए हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बाढ़ में फंसे बच्चों, बूढ़े, महिलाओं को घरों से निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लगातार भेज रहे हैं.

शहर में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर ने जहां चेतावनी बिन्दु तक पहुंच गया है. दोपहर बाद चार बजे तक गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 84.42 और छतनाग में 83.67 मीटर रिकार्ड किया गया है. वहीं नैनी में यमुना नदी का भी जल स्तर 84.28 तक पहुंच गया है. जो कि डेंजर लेवल 84.73 मीटर के करीब है. अगर इसी गति से दोनों नदियों का जल स्तर आगे भी बढ़ता रहा तो देर शाम तक दोनों नदियों का जलस्तर डेंजर लेवल को पार कर जायेगा. जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 31 बाढ़ शिविर खोले हैं. रविवार शाम तक पांच बाढ़ शिविरों में 106 परिवारों के 600 लोग शहर लेने पहुंच गए थे.

जबकि जलस्तर बढ़ने के बाद लगातार अशोक नगर, नेवादा, राजापुर बेली कछार छोटा बघाड़ा, सलोरी इलाकों के बाढ़ प्रभावित बाढ़ शिविर में पहुंच रहे हैं. स्कूलों में बनाये गए बाढ़ शिविरों के चलते जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी ने फिलहाल इन स्कूलों में तीन दिनों का अवकाश घोषित कर दिया है. जिला प्रशासन बाढ़ राहत शिविरों में लोगों के खाने पीने के इंतजाम के साथ ही उनके स्वास्थ्य के लिए दवाइयों के इंतजाम का दावा कर रहा है.

अशोक नगर के बाढ़ शिविर में 62 परिवारों के 285 लोग अपने सामानों और मवेशियों के साथ शहर लिए हुए हैं. जलस्तर बढ़ने से शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप कर दी गई है . सलोरी, शिवकुटी ,कैलाशपुरी, महावीरपुरी, सलोरी गांव, छोटा बघाड़ा में एहतियातन विद्युत आपूर्ति को रोका गया है.

निचले इलाकों में लगाए गए ट्रांसफार्मरों के आसपास पानी भरने के कारण बिजली की सप्लाई को दूसरे क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है. वहीं बाढ़ से प्रभावित लोगों ने प्रशासनिक अमले पर मदद के नाम पर सिर्फ़ खानापूर्ति का आरोप लगा रहे हैं. गंगा नगर के बाढ़ पीड़ितों की माने तो वह पिछले चार दिनों से बाढ़ ग्रस्त इलाके में रहने को मज़बूर हैं. घरों के अंदर पानी पहुंचने से उन्हे दिन रात छत पर गुजारना पड़ रहा है.