क्या आपने कभी सोचा है कि गैस गीजर का इस्तेमाल ले सकता है जान, पढ़ें दर्दनाक कहानी

 हम में से कईयों को पता नहीं कि यह गैस गीजर कितना जानलेवा हो सकता है. 

क्या आपने कभी सोचा है कि गैस गीजर का इस्तेमाल ले सकता है जान, पढ़ें दर्दनाक कहानी
एक दुखद और चौंका देने वाली घटना मुंबई के बोरीवली पश्चिर्म गोराई इलाके से सामने आई है..(प्रतीकात्मक फोटो)

मुंबई: देश के अधिकतर घरों में ठंड के इस मौसम में बाथरूम में गीजर का इस्तेमाल किया जाता है. कई परिवार इलेक्ट्रिक गीजर का इस्तेमाल करते हैं. जबकि कई घरों में गैस गीजर लगाया जाता है लेकिन हम में से कईयों को पता नहीं कि यह गैस गीजर कितना जानलेवा हो सकता है. एक दुखद और चौंका देने वाली घटना मुंबई के बोरीवली पश्चिर्म गोराई इलाके से सामने आई है, जहां 15 वर्षीय छात्रा ध्रुवी गोहिल की जान चली गई. बीते शुक्रवार को ध्रुवी सुबह नहाने के लिए बाथरूम में अंदर गई लेकिन जब काफी देर तक बाहर नहीं निकली तो उनके घरवालों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा. अंदर का मंजर देख परिजन हिल गए.

गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनो ऑक्सइड के निकलने की वजह से ध्रुवी अचेत पड़ी थी. उसे फौरन पास के ही अस्पताल में लेकर गए. ध्रुवी का पैर और सिर गर्म पानी से जल चुका था. गोराई के मंगलमूर्ति हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन करीब 24 घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया. मंगलमूर्ति हॉस्पिटल के डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार यह खुलासा हुआ है कि धुर्वी की मौत गैस गीजर से निकलने वाली गैस के कारण हुई.  

15 साल की ध्रुवी 10वीं की छात्रा थी. परिजनों के मुताबिक़ बाथरूम में वेंटिलेशन नहीं था क्योंकि ठंडी की वजह से ध्रुवी ने खिड़की और दरवाजा बंद कर दिया था, इसलिए कॉर्बन मोनो-ऑक्साइड बाहर नहीं निकल पाई. घटना के बाद परिवार सदमे में है क्योंकि जिस दिन ध्रुवी की मौत हुई उसी दिन उसका जन्मदिन भी था. ध्रुवी के पिता राजीव गोहिल ने बताया कि उनकी एक ही बेटी थी. जो बहुत ही होनहार थी और अब दुनिया छोड़कर चली गई है.  

दरअसल, दो तरह के गीजर मार्किट में मिलते हैं. एक इलेक्ट्रिक गीजर और दूसरा गैस गीजर. गैस गीजर में CNG या LPG गैस का इस्तेमाल होता है, और खर्च के हिसाब से ये इलेक्ट्रिक गीजर से सस्ता पड़ता है, इसिलिए अक्सर लोग पैसा बचाने के चक्कर मे इस गीजर को लगवा लेते हैं. अब ध्रुवी का परिवार चाहता है कि इस तरह की घटना किसी और परिवर के साथ ऐसा न हो. उसके लिए गैस गीजर उपयोग करने वालों से अनुरोध किया है कि अपने घर में गैस गीजर के बजाय पानी को घर मे गर्म करके नहाए या फिर इलेक्ट्रिक गीजर का उपयोग करें. अगर संभव हो तो गीजर को बाथरूम से बाहर लगवाएं क्योंकि गैस गीजर से जान का ख़तरा होता है.

ध्रुवी के पिता का ये भी कहना है कि ध्रुवी ने नहाते वक्त खिड़की के फ्लैप्स भी बंद कर दिए थे जिससे भी कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बाथरूम से बाहर नही निकल सकी. उस बाथरूम में किसी भी तरह का एग्जॉस्ट फैन लगा हुआ था. ध्रुवी के पिता इस तरह के गैस गीजर बेचने वाली कंपनियों और दुकानदारों से बड़ी शिकायत रखते हैं. उनका कहना है कि जब इन्हें इनस्टॉल किया जाता है तो कोई भी इसको लेकर बरती जाने वाली सावधानियों की बात ग्राहकों से नहीं करता है जिससे हादसे हो रहे हैं.

ध्रुवी को बचाने की कोशिश करने वाले डॉ.विवेक चौरसिया का कहना है कि गैस गीजर से पैदा होने वाली आग के कारण ऑक्सीजन की खपत अधिक होती है और कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है. कार्बन मोनो ऑक्साइड भी बनती है. ऑक्सीजन कम होते जाता है. यह रंगहीन व गंधहीन गैस होने के साथ-साथ बेहद जहरीली होती है. यही गैस मौत का कारण बन जाती है. बिना वेंटिलेशन वाले बाथरूम में गैस गीजर से निकलने वाली गैस के कारण खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है. इससे शरीर के लगभग सभी अंग प्रभावित होने लगते हैं.

दिल तथा दिमाग को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन न मिलने के कारण ध्रुवी बेहोशी हालात में चली गई. कम हवादार कमरों में रसोई गैस या ऐसे बाथरूम गैस गीजर के यूज से मिर्गी, हार्ट अटैक जैसे कई गंभीर रोग की आशंका बढ़ जाती है. खासतौर पर बुजुर्गों के लिए ऐसे गैस गीजर काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं.