close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

हिंदी दिवस: असुद्दीन के ट्वीट पर गिरिराज सिंह का पलटवार, कहा- ओवैसी के जेहन में जिन्ना का जिन्न

हिंदी दिवस पर ओवैसी के विवादित ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पलटवार किया है.  

हिंदी दिवस: असुद्दीन के ट्वीट पर गिरिराज सिंह का पलटवार, कहा- ओवैसी के जेहन में जिन्ना का जिन्न
हिंदी के नाम पर बंटवारे का डर दिखा रहा है विपक्ष?

नई दिल्ली: आज देश-दुनिया में हिंदी दिवस (Hindi Diwas) मनाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और भाजपा अध्यक्ष एवं गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को हिंदी दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि हिंदी देश को एकता की डोर में बांधने का काम कर सकती है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने हिंदी दिवस पर एक विवादित ट्वीट किया. उन्‍होंने कहा कि भारत हिंदी, हिंदू और हिंदुत्‍व से कहीं अधिक बड़ा है. ओवैसी के ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने पलटवार किया है. 

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "अमित शाह जी ने एक देश एक भाषा की बात कही है वो बिलकुल सही है लेकिन ओवैसी जैसे लोगों के ज़ेहन में जिन्ना का जिन्न बसता है. वो राष्ट्रीयता की बात क्या करेंगे. ओवैसी वही हैं जो सदन में राष्ट्रीयता, 370, कॉमन सिविल कोड की बात होने पर वहां से निकल जाते हैं. जब भी एक भारत की बात आती है तब जिन्ना का जिन्न निकलकर इनके चेहरे और इनकी जुबान पर निकलकर आ जाता है." 

इससे पहले, ओवैसी ने अपने ट्वीट में कहा, "हिंदी सभी भारतीयों की मातृभाषा नहीं है. क्‍या आप लोग देश में बोली जाने वाली अन्‍य मातृभाषाओं की विविधता और सौंदर्य की प्रशंसा करने की कोशिश कर सकते हैं. आर्टिकल 29 हर भारतीय को अलग भाषा, स्क्रिप्‍ट और संस्‍कृति का अधिकार देता है." 

 

 

हिंदी दिवस पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
मोदी ने टि्वटर पर कहा, "हिंदी दिवस पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई. भाषा की सरलता, सहजता और शालीनता अभिव्यक्ति को सार्थकता प्रदान करती है. हिंदी ने इन पहलुओं को खूबसूरती से समाहित किया है." 

LIVE टीवी:

अमित शाह ने ट्वीट किया, "आज हिंदी दिवस के अवसर पर मैं देश के सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि हम अपनी- अपनी मातृभाषा के प्रयोग को बढाएं और साथ में हिंदी भाषा का भी प्रयोग कर देश की एक भाषा के पूज्य बापू और लौह पुरूष सरदार पटेल के स्वप्न को साकार करने में योगदान दें."