बजट सत्र में पारित हो सकता है उपभोक्ता संरक्षण विधेयक

सरकार ने आज कहा कि उसे पूरी उम्मीद है कि नया उपभोक्ता संरक्षण विधेयक संसद के आगामी बजट सत्र में पारित करा लिया जाएगा। इस विधेयक का उद्देश्य भ्रामक विज्ञापनों का प्रचार करने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ अन्य उपायों का प्रावधान किया गया है।

बजट सत्र में पारित हो सकता है उपभोक्ता संरक्षण विधेयक

नई दिल्ली : सरकार ने आज कहा कि उसे पूरी उम्मीद है कि नया उपभोक्ता संरक्षण विधेयक संसद के आगामी बजट सत्र में पारित करा लिया जाएगा। इस विधेयक का उद्देश्य भ्रामक विज्ञापनों का प्रचार करने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ अन्य उपायों का प्रावधान किया गया है।

इस वर्ष अगस्त में केन्द्र सरकार ने लोकसभा में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक-2015 की पेशकश की थी और इसने 30 वर्ष पुराने उपभोक्ता संरक्षण कानून का निरसन किया था। संसद की स्थायी समिति ने भी अप्रैल में अपनी सिफारिशों को सौंप दिया था। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने समिति की कुछ सिफारिशों को स्वीकार किया और मसौदा विधेयक को अंतिम रूप दिया जिसे वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाले मंत्रियों के समूह के द्वारा भी मंजूरी दे दी गई।

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, हमें उम्मीद थी कि संसद के शीतकालीन सत्र में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक को पारित कर लिया जायेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हमें उम्मीद है कि इसे संसद के बजट सत्र में पारित कर दिया जायेगा। दलहन के बारे में मंत्री ने कहा कि सरकार ने आयात और घरेलू खरीद दोनों ही रास्तों के जरिये अभी तक सात लाख टन का बफर स्टॉक निर्मित किया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को इस वर्ष सभी राज्यों में लागू किया गया है। इस योजना के तहत गरीबों को बेहद सब्सिडी प्राप्त खाद्यान्न वितरित किया जाता है।