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देशद्रोह मामला : अदालत ने हार्दिक पटेल को न्यायिक हिरासत में भेजा

एक स्थानीय अदालत ने पटेल आरक्षण नेता हार्दिक पटेल को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने के पुलिस के अनुरोध को खारिज कर दिया। पुलिसकर्मियों को मारने की एक युवक को कथित सलाह देने के कारण उसके खिलाफ देशद्रोह के मामले में पुलिस ने हार्दिक की तीन दिन की हिरासत मांगी थी। शहर के अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एच ए पांडया ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया अदालत ने पुलिस से कहा कि वह हार्दिक को एक पखवाड़े के भीतर उसके समक्ष पेश करे। आरोपी व्यक्ति को अदालत के समक्ष पेश करने की यही निर्धारित अवधि है।

देशद्रोह मामला : अदालत ने हार्दिक पटेल को न्यायिक हिरासत में भेजा

सूरत : एक स्थानीय अदालत ने पटेल आरक्षण नेता हार्दिक पटेल को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने के पुलिस के अनुरोध को खारिज कर दिया। पुलिसकर्मियों को मारने की एक युवक को कथित सलाह देने के कारण उसके खिलाफ देशद्रोह के मामले में पुलिस ने हार्दिक की तीन दिन की हिरासत मांगी थी। शहर के अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एच ए पांडया ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया अदालत ने पुलिस से कहा कि वह हार्दिक को एक पखवाड़े के भीतर उसके समक्ष पेश करे। आरोपी व्यक्ति को अदालत के समक्ष पेश करने की यही निर्धारित अवधि है।

पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर आंदोलन चला रहे 22 वर्षीय हार्दिक ने स्थानीय युवक को इस माह के शुरू में कथित रूप से यह सलाह दी थी कि वह आत्महत्या करने के बजाय पुलिसकर्मियों को मारे।

हार्दिक ने विपुल देसाई से कथित रूप से कहा था, ‘‘यदि तुम में इतना अधिक साहस हैं..तो जाओ और कुछ पुलिसकर्मियों को मार दो। पटेल कभी आत्महत्या नहीं करते।’’ विपुल ने आंदोलन के समर्थन में आत्महत्या करने की घोषणा की थी।

इसके बाद पुलिस ने अमरोली पुलिस थाने में हार्दिक के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 124:ए: के तहत मामला दर्ज किया। यह धारा देशद्रोह से संबंधित है। इसके बाद 19 अक्तूबर को हार्दिक को गिरफ्तार किया गया।

आज अदालत में सरकारी वकील बबिता बुढानी ने और पुलिस पूछताछ की मांग पर बल दिया जबकि हार्दिक के वकील यशवन्त सिंघवदा ने कहा कि पुलिस पहले ही उनके मुवक्किल से तीन दिन तक पूछताछ कर चुकी है जो पर्याप्त है।