हार्दिक पटेल पुलिस को चकमा देकर भागे, हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार से कहा- तलाश करो

पटेल आंदोलन की अगुवाई कर रहे हार्दिक पटेल के एक सहयोगी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पुलिस ने हार्दिक को अवैध रूप से हिरासत में रखा है, जिस पर आधी रात के बाद सुनवाई करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को उन्हें खोजने का निर्देश दिया। पुलिस ने इससे पहले दावा किया था कि अरावली जिले में बिना पूर्व अनुमति के कथित तौर पर जनसभा आयोजित करने के बाद हार्दिक को हिरासत में लेने के लिए गई थी, लेकिन हार्दिक चकमा दे कर निकल गए थे।

हार्दिक पटेल पुलिस को चकमा देकर भागे, हाईकोर्ट ने गुजरात सरकार से कहा- तलाश करो

अहमदाबाद : पटेल आंदोलन की अगुवाई कर रहे हार्दिक पटेल के एक सहयोगी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पुलिस ने हार्दिक को अवैध रूप से हिरासत में रखा है, जिस पर आधी रात के बाद सुनवाई करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को उन्हें खोजने का निर्देश दिया। पुलिस ने इससे पहले दावा किया था कि अरावली जिले में बिना पूर्व अनुमति के कथित तौर पर जनसभा आयोजित करने के बाद हार्दिक को हिरासत में लेने के लिए गई थी, लेकिन हार्दिक चकमा दे कर निकल गए थे।

एक विशेष घटनाक्रम में न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति केजे ठाकेर की एक पीठ ने रात में एक बजकर 20 मिनट पर हार्दिक के सहयोगी दिनेश पटेल की याचिका पर सुनवाई की जिसमें उन्होंने हार्दिक को प्रस्तुत करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए जाने में अदालत के हस्तक्षेप की मांग की। अदालत ने गुजरात सरकार, पुलिस महानिदेशक, रेंज महानिरीक्षक और अरावली जिला पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर कल जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

लोक अभियोजक मितेश अमीन ने कहा कि हार्दिक पुलिस हिरासत में नहीं हैं। हालांकि, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से यह कहते हुए हार्दिक की तलाश करने को कहा कि वह भारत का नागरिक है। दो न्यायाधीशों में से एक के निवास पर हुई सुनवाई रात में दो बजकर 40 मिनट पर खत्म हुई। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा कि वह तभी हार्दिक के साथ थे जब पुलिस ने 22 वर्षीय नेता को हिरासत में लेने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि हार्दिक पुलिस हिरासत में ही हैं। आज सुबह विशेष सुनवाई के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जयंत पटेल से अनुमति हासिल करने के बाद पटेल की तरफ से पेश हो रहे वकील बीएम मांगुकिया ने रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष याचिका दायर की थी। हार्दिक ने बिना पूर्व अनुमति के कल अरावली जिले के बयाड तालुका में कथित तौर पर एक जनसभा आयोजित की थी। बैठक के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की लेकिन आईजी हसमुख पटेल के मुताबिक वह वहां से निकलने में सफल रहे। पुलिस ने बाद में निषेघाज्ञा का उल्लंघन करने के लिए हार्दिक और 20 अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की।

हार्दिक आरक्षण के लिए ओबीसी श्रेणी में पटेल समुदाय को शामिल करने के वास्ते आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं।