मैक्स के बाद गुड़गांव के फोर्टिस पर भी आफत! लीज रद्द करने के लिए हुडा को लिखी गई चिट्ठी

विज ने कहा, 'गुड़गांव में 2004 में फोर्टिस अस्पताल को हुड्डा ने कुछ शर्तों के साथ जमीन दी थी जिनमें 20 फीसद बिस्तर गरीबों के लिए आरक्षित करने जैसी शर्तें शामिल थी, लेकिन वह ये बिस्तर गरीबों को उपलब्ध नहीं करा रहा है.'

मैक्स के बाद गुड़गांव के फोर्टिस पर भी आफत! लीज रद्द करने के लिए हुडा को लिखी गई चिट्ठी
अस्पताल के रक्त बैंक को रद्द करने का नोटिस भी जारी किया गया है. (फाइल फोटो)

चंडीगढ़: हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शनिवार (9 दिसंबर) को कहा कि उनके विभाग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को लीज की शर्तों का कथित उल्लंघन करने पर गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल की जमीन लीज रद्द करने के लिए पत्र लिखा है. विज ने अंबाला में संवाददाताओं से कहा, ‘‘गुड़गांव में 2004 में फोर्टिस अस्पताल को हुड्डा ने कुछ शर्तों के साथ जमीन दी थी जिनमें 20 फीसद बिस्तर गरीबों के लिए आरक्षित करने जैसी शर्तें शामिल थी, लेकिन वह ये बिस्तर गरीबों को उपलब्ध नहीं करा रहा है. अतएव हमने हुड्डा को उसका लीज रद्द करने के लिए पत्र लिखा है क्योंकि उसने संधि की शर्तों का उल्लंघन किया है.’’

इस अस्पताल द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूलने की शिकायतों की जांच करने वाले एक सरकारी पैनल ने कई विसंगतियां पायीं जिनमें सात साल की लड़की की मौत से जुड़े मामले में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. पैनल की रिपोर्ट के बाद विज ने कहा था कि इस निजी अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उसके रक्त बैंक का लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा. उन्होंने शनिवार (9 दिसंबर) को संवाददाताओं से कहा कि पुलिस को की जाने वाली शिकायत का मसौदा तैयार किया गया है. अस्पताल के रक्त बैंक को रद्द करने का नोटिस भी जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि सात साल की आद्या सिंह के इलाज पर बिल 15 लाख रुपये तक चला गया, उसके बाद भी वह डेंगू से बच नहीं पायी.

दिल्‍ली: जीवित नवजात को मृत बताने वाले मैक्‍स अस्‍पताल का लाइसेंस रद्द

इससे पहले दिल्ली सरकार ने बीते 8 दिसंबर को कथित चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया था. शहर के इस प्रतिष्ठित अस्पताल के खिलाफ जुड़वां बच्चों सहित अन्य मामलों में कथित चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर कार्रवाई की गई है. जुड़वां बच्चों के मामले में मृत घोषित किये गए बच्चों में से एक जीवित पाया गया था. सरकार की तीन सदस्यीय जांच समिति ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी. इसके बाद यह फैसला किया गया. जैन ने इस घटना को ‘अस्वीकार्य’ बताया.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि अस्पताल में जो मरीज भर्ती हैं, उनका उपचार जारी रखा जा सकता है, लेकिन नए मरीजों की भर्ती नहीं की जा सकती. जैन ने कहा, "मरीज अगर चाहें तो दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित हो सकते हैं." उन्होंने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने मैक्स अस्पताल, शालीमार बाग का पंजीकर रद्द कर दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘मैक्स अस्पताल की ओर से बार-बार चूक सामने आ रही है और पूर्व में भी उसे तीन बार नोटिस दिया गया था. उन मामलों में भी अस्पताल को दोषी पाया गया.’