Fortis अस्पताल पर लगे एक और गंभीर आरोप, डेंगू मरीज के परिजनों से वसूले 1700% ज्यादा पैसे

यह मामला सात साल की एक बच्ची की डेंगू से हुई मौत से जुड़ा है. अस्पताल पर बच्ची के परिवार से अनाप शनाप बिल वसूलने का आरोप है.

Fortis अस्पताल पर लगे एक और गंभीर आरोप, डेंगू मरीज के परिजनों से वसूले 1700% ज्यादा पैसे
एनपीपीए ने फोर्टिस हेल्थकेयर से कहा था कि वह इस मामले में बिलों की प्रति उपलब्ध करवाए. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने शुक्रवार (15 दिसंबर) को कहा कि गुरूग्राम स्थित फोर्टिस हास्पिटल ने डेंगू के एक मरीज के इलाज में काम आई दवाओं व अन्य उपभोज्य सामानों पर 1700 प्रतिशत तक अधिक मार्जिन वसूला. इस रोगी का बाद में निधन हो गया था. नियामक ने कहा है कि फोर्टिस मैमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरूग्राम ने एक ‘थ्रीवे स्टाप कॉक’ के क्रय मूल्य पर 1737 प्रतिशत तक का मार्जिन वसूला. इसी तरह उपभोज्य सामग्री का क्रय मूल्य जहां 5.77 रुपये था, अस्पताल ने उसके लिए 106 रुपये प्रति इकाई वसूले. यहां उपभोज्य सामग्री में सीरिंज, दस्ताने व तौलिया आदि शामिल है.

यह मामला सात साल की एक बच्ची की डेंगू से हुई मौत से जुड़ा है. अस्पताल पर बच्ची के परिवार से अनाप शनाप बिल वसूलने का आरोप है. एनपीपीए ने फोर्टिस हेल्थकेयर से कहा था कि वह इस मामले में बिलों की प्रति उपलब्ध करवाए. एनपीपीए ने एक और उदाहरण में कहा है कि इस अस्पताल ने डोटामिन 200 एमजी की प्रति इकाई 287.50 रुपये में बेची जबकि इसकी क्रय मूल्य केवल 28.35 रुपये है. यानी अस्पताल ने इस दवा पर 914 प्रतिशत मार्जिन वसूला.

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फोर्टिस गुड़गांव, पार्क हॉस्पिटल के खिलाफ ज्यादा पैसे लेने की शिकायत 
वहीं दूसरी ओर गुड़गांव के एक रोगी के परिवार ने यहां स्थित फोर्टिस मेमोरियल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई) और पार्क हॉस्पिटल के खिलाफ गलत इलाज करने और ज्यादा रुपये वसूलने की शुक्रवार (15 दिसंबर) को एक शिकायत दर्ज कराई. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. सिविल सर्जन बीके राजोरा ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ एक शिकायत मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि इस पर गौर किया जा रहा है.

राजोरा के पास दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एफएमआरआई ने भीम सिंह (60) को 36.68 लाख रुपये का भुगतान करने को कहा. पार्क हॉस्पिटल ने उनके गॉल ब्लैडर में पथरी होने के चलते हो रहे पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें वहां भेजा था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिंह ने एफएमआरआई में 42 दिनों तक इलाज किया. इलाज से उनकी आंत और किडनी पर भी असर पड़ा. सिंह के बेटे जगदीश ने बताया कि उनके पिता को शुरू में यहां सेक्टर 47 के पार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें एक मई 2016 को फोर्टिस अस्पताल भेज दिया गया.

रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले जगदीश ने बताया कि उनके पिता 42 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहें और अस्पताल ने 36.68 लाख रूपये का बिल दिया, जिसे उन्होंने जमीन बेचकर चुकाया. ‘महंगे इलाज के बावजूद मेरे पिता चलने फिरने में अक्षम हैं. ’ वहीं, आरोपों को खारिज करते हुए एफएमआरआई ने अपने बयान में कहा कि रोगी को नाजुक हालत में लाया गया था और सीधे आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका जानलेवा बीमारी का लंबा इलाज चला.