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हज सब्सिडी खत्म करने का मामला : ओवैसी ने पूछा, हिंदू तीर्थयात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी का क्‍या?

 हज सब्सिडी को मुस्लिमों का तुष्टिकरण और वोट बैंक बताने के लिए भाजपा पर हमला करते हुए एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की सरकार ने तीर्थयात्रा के लिए धन दिया है और वह जानना चाहते हैं कि क्या इसे बंद किया जा सकता है.

हज सब्सिडी खत्म करने का मामला : ओवैसी ने पूछा, हिंदू तीर्थयात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी का क्‍या?
असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने तीर्थयात्रा के लिए धन दिया है. (फाइल फोटो)

हैदराबाद : हज सब्सिडी को मुस्लिमों का तुष्टिकरण और वोट बैंक बताने के लिए भाजपा पर हमला करते हुए एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की सरकार ने तीर्थयात्रा के लिए धन दिया है और वह जानना चाहते हैं कि क्या इसे बंद किया जा सकता है.

कुंभ मेले के लिए भी धन दिया जाता है- ओवैसी
ओवैसी ने दावा किया कि कुंभ मेले के लिए भी धन दिया जाता है, जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार चारधाम यात्रा के लिए अनुदान देती है. उन्होंने कहा कि काफी पहले उन्होंने खुद ही हज सब्सिडी को खत्म करने की मांग की थी. ओवैसी ने ट्वीट किया, 'इस वर्ष हज सब्सिडी 200 करोड़ रुपये है और उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक 2022 तक यह खत्म होना चाहिए था. 2006 से मैं मांग करता रहा हूं कि इसे खत्म किया जाना चाहिए और इस राशि का इस्तेमाल मुस्लिम लड़कियों की शिक्षा में होना चाहिए'.

ओवैसी द्वारा किए गए सिलसिलेवार ट्ववीट...

 

 

 

 

 

हिंदू तीर्थयात्रियों को वित्तीय सहायता और सब्सिडी खत्म करने की चुनौती दी
मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के प्रमुख व लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार को देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू तीर्थयात्रियों को दी जा रही वित्तीय सहायता और सब्सिडी को खत्म करने की चुनौती दी. ओवैसी ने केंद्र सरकार द्वारा हज सब्सिडी खत्म करने पर कहा कि भाजपा, आरएसएस व अन्य महज दो सौ करोड़ रुपये पर हंगामा मचाते रहे हैं और इसे अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करार देते रहे हैं, जबकि विभिन्न राज्यों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों और तीर्थयात्राओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं.

पढ़ें- 'हज सब्सिडी मुस्लिमों के लिए नहीं, बल्कि घाटे में चल रही एयर इंडिया के लिए दी जा रही थी'

हज सब्सिडी 2022 तक खत्म होनी ही थी- ओवैसी 
ओवैसी ने कहा कि वैसे भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत हज सब्सिडी 2022 तक खत्म होनी ही थी, इसलिए नरेंद्र मोदी सरकार को इसको उछालना नहीं चाहिए था. उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र व राज्यों की भाजपा सरकारें अन्य सब्सिडी को भी इसी तरह समाप्त करेंगी. ओवैसी ने कहा, "मैं भाजपा, प्रधानमंत्री और आरएसएस से पूछ रहा हूं कि अगर हज सब्सिडी तुष्टिकरण है तो 2014 के कुंभ मेले के लिए दिए गए 1150 करोड़ रुपये, मोदी सरकार द्वारा बीते साल सिंहस्थ महाकुंभ के लिए मध्य प्रदेश सरकार को दिए गए 100 करोड़ रुपये और इसी के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खर्च किए गए 3400 करोड़ रुपये क्या हैं?"

मानसरोवर यात्रा के लिए सब्सिडी को खत्म करनेे की चुनौती दी
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश सरकार को मानसरोवर यात्रा के लिए हर तीर्थयात्री को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी को खत्म करने की चुनौती दी. उन्होंने कहा, "कर्नाटक की कांग्रेस सरकार चार धाम यात्रा पर जाने वाले को 20 हजार रुपये देती है। क्या यह बहुसंख्यकों का तुष्टिकरण नहीं है?" उन्होंने कहा कि गुजरात में राज्य सरकारें लंबे समय से हिंदू पुजारियों को धन दे रही हैं. उन्होंने पूछा कि क्या यह तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति नहीं है? उन्होंने पूछा, "हरियाणा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा को एक करोड़ रुपये क्यों दिए थे? क्या यह चुनावी तुष्टिकरण के लिए थे?" ओवैसी ने कहा कि वह साल 2006 से हज सब्सिडी को खत्म करने के लिए कहते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस पैसे को मुस्लिम अल्पसंख्यकों के बच्चों, खासकर लड़कियों के वजीफे पर खर्च करना चाहिए.