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अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अनमने ढंग से उठाये गये आधे-अधूरे कदम: कांग्रेस

कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा किये गये उपायों को ‘अनमने ढंग से उठाये गये आधे-अधूरे’ कदम बताया और कहा कि इससे आर्थिक क्षेत्र में उनकी नीतियों का ‘खोखलापन’ नजर आता है. 

अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अनमने ढंग से उठाये गये आधे-अधूरे कदम: कांग्रेस
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के का 2.4 प्रतिशत हो गया है.(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा किये गये उपायों को ‘अनमने ढंग से उठाये गये आधे-अधूरे’ कदम बताया और कहा कि इससे आर्थिक क्षेत्र में उनकी नीतियों का ‘खोखलापन’ नजर आता है जिनका देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर होगा. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि रुपये में गिरावट और चालू खाता घाटा बढ़ने से रोकने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली का आखिरी प्रयास उनकी ‘मोदीनॉमिक्स’ की आर्थिक दृष्टि के दिवालियेपन को दिखाता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ गई.

उन्होंने एक बयान में आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री की अगुवाई में आयोजित बैठक के बाद वित्त मंत्री ने जिन आधे-अधूरे, अनमने और कमजोर उपायों की घोषणा की है वह सरकार की अदूरदर्शिता एवं संकीर्ण आर्थिक दृष्टि को दर्शाते हैं, जिसके चलते वह अपने ही जाल में फंस गई है. ”

कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि गिरता रुपया और अनियंत्रित कैड मोदी की आर्थिक नीतियों की असफलता है. वह देश की अर्थव्यवस्था को समझने में पूरी तरह असफल रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश का चालू खाता घाटा चार तिमाहियों के उच्च स्तर पर पहुंच गया है और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के का 2.4 प्रतिशत हो गया है.

यह 2017-18 की जनवरी-मार्च तिमाही में 1.9 प्रतिशत पर था.  जुलाई 2018 में व्यापार घाटा उछलकर 18 अरब डालर पर पहुंच गया.  यह गिरते निर्यात का नतीजा है. उन्होंने दावा किया, “सरकार ने जिन कदमों की घोषणा की है वे निरर्थक और संकीर्ण हैं.  इससे देश को उदारीकरण से पहले के दौर में ले जाने के अलावा कुछ भी हासिल नहीं होगा. ”