दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में एक ही कलम के इस्तेमाल संबंधी याचिका खारिज की

मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रावधान तर्कसंगत है और उसमें संशोधन की आवश्यकता नहीं है. 

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में एक ही कलम के इस्तेमाल संबंधी याचिका खारिज की
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस याचिका को आज खारिज कर दिया जिसमें राज्यसभा चुनाव में मतदान के दौरान मतपत्र पर निशान लगाने के लिए सिर्फ चुनाव आयोग द्वारा प्रदत्त कलम का इस्तेमाल करने संबंधी चुनाव नियमों को चुनौती दी गई थी.

मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रावधान तर्कसंगत है और उसमें संशोधन की आवश्यकता नहीं है. अदालत ने कहा, ‘प्रावधान में क्या अतर्कसंगत या असंवैधानिक है.’

अदालत सोशल एक्टिविस्‍ट एवं सीनियर लॉयर अमित साहनी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग मतदाताओं को मतपत्र पर निशान लगाने के लिये एक ही कलम देता है, जिसे आसानी से बदला जा सकता है.

याचिका में दावा किया गया है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग हो सकता है और इसमें संशोधन किया जाना चाहिए. याचिका में कहा गया था कि मतदान करने वाले व्यक्ति की मंशा को महत्व दिया जाना चाहिये, न कि कलम की स्याही को. इसे किसी उम्मीदवार के इशारे पर बदला जा सकता है.

चुनाव संचालन नियम, 1961 के इस तरह के प्रावधानों के दुरुपयोग का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा की राज्यसभा की दो सीटों के लिये 2016 में कराए गए चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा दिया गया कलम बदल दिया गया, जिससे नतीजा बदल गया.

गौरतलब है कि 2016 में राज्यसभा के चुनाव में उस वक्त विवाद पैदा हो गया था जब कांग्रेस के 12 विधायकों और उसके सहयोगी के मतों को अवैध करार दिया गया था क्योंकि उन्होंने अपनी पसंद चुनाव आयोग द्वारा दिये गए कलम की जगह किसी और कलम से बताई थी. कांग्रेस ने इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया था. इसकी वजह से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार आर के आनंद को हार का सामना करना पड़ा था जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा चुनाव जीत गए थे.

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि सिर्फ एक मामले में दुरुपयोग होने के कारण नियम को बदलने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मतदान करने वाले व्यक्ति की गोपनीयता बरतना जरूरी है.