आपस में लड़ पड़े वकील तो HC ने हटा दी दिल्‍ली हिंसा के आरोपी की जमानत से रोक

दिल्ली हिंसा मामले में आरोपी फैजल फारूकी को निचली अदालत से मिली जमानत पर लगी हाईकोर्ट की रोक को आज हाईकोर्ट ने हटा लिया है.

आपस में लड़ पड़े वकील तो HC ने हटा दी दिल्‍ली हिंसा के आरोपी की जमानत से रोक
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली: नई दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में आरोपी फैजल फारूकी को निचली अदालत से मिली जमानत पर लगी हाईकोर्ट की रोक को आज हाईकोर्ट ने हटा लिया है. दरअसल, हाईकोर्ट (High Court) ने आरोपी के खिलाफ पुलिस की तरफ से बहस करने के लिए कोर्ट में मौजूद केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के वकीलों में आपस में हुई तीखी बहस की वजह से आरोपी की जमानत पर लगी रोक के अपने पुराने आदेश को वापस ले लिया.

बता दें कि दिल्‍ली हिंसा मामले के एक आरोपी फैजल फारूकी को कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानत दी थी. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और हाई कोर्ट ने निचली अदालत से मिली जमानत पर रोक लगा दी थी. लेकिन हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी और दिल्ली सरकार के वकील राहुल महेरा के बीच तीखी बहस हो गई. बहस इस बात पर हुई कि दिल्ली पुलिस की तरफ से कौन सा वकील बहस करेगा. 

दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा के मुताबिक दिल्ली पुलिस के किसी भी मामले को वो रिप्रेजेंट करते रहे हैं. इसके अलावा कोर्ट में सारे दस्तावेज भी उन्‍हीं के जरिए दायर होते हैं. ऐसे में नियम यही कहता है कि यदि कोई और बहस करेगा तो मान्य नहीं होगा. लिहाजा दोनों वकीलों की आपसी बहस से हाई कोर्ट काफी नाराज हुआ और आरोपी की जमानत पर से रोक हटा दी. दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील और दिल्ली सरकार के वकील से जवाब दायर करने को कहा है कि क्या एलजी, सॉलिसिटर जनरल, अडिशनल सॉलिसिटर जनरल और केंद्र सरकार के वकील को दिल्ली पुलिस को रिप्रेजेंट करने के लिए नियुक्त कर सकते हैं या नहीं. 

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