हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण को दी मंजूरी

मंत्रिमंडल ने अनुबंध आधार पर सिरमौर उपायुक्त कार्यालय में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 28 पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी.

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण को दी मंजूरी
कैबिनेट की मंजूरी के बाद हिमाचल प्रदेश भी आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण को सैद्धांतिक रूप से लागू करने वाले राज्यों में शुमार हो गया है. (फोटो साभार- @jairamthakurbjp)

शिमला: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने सरकारी सेवाओं में श्रेणी एक, दो, तीन और चार के पदों पर सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का शनिवार को फैसला किया. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी. इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश भी आरक्षण को सैद्धांतिक रूप से लागू करने वाले राज्यों में शुमार हो गया है. 

मंत्रिमंडल ने यौन उत्पीड़न और अन्य अपराध की शिकार महिलाओं के लिए कार्यक्रम को लागू करने का फैसला किया. इसके तहत अपराध की गंभीरता के आधार दो से दस लाख रुपये तक की वित्तीय मदद दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि महिला पीड़ित मुआवजा कोष के तहत वित्तीय राशि प्रदान की जाएगी. राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण या जिला कानूनी प्राधिकरण धनराशि का फैसला करेगा. मंत्रिमंडल ने अनुबंध आधार पर सिरमौर उपायुक्त कार्यालय में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 28 पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी. 

हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से सीधी भर्ती के जरिए उच्च न्यायालय में सिविल जजों के चार पदों को भी भरने का फैसला किया गया. कैबिनेट ने शिमला जिले के कोटखई उत्सव, सोलन जिले में धर्मपुर के माता मनसा देवी मेला, मंडी जिले के धर्मपुर में पिपलु पंचायत के लोहड़ी मेला को जिला स्तरीय मेला घोषित करने का निर्णय किया. 

(इनपुट - भाषा)