मानवाधिकार कार्यकर्ता का दावा, 'बांग्लादेश मे तेजी से कम हो रहे हैं हिंदू'

मानवाधिकार कार्यकर्ता और प्रोफेसर रिचर्ड बेंकिन ने कहा है कि शेख हसीना और खालिदा जिया के अंतर्गत बांग्लादेशी सरकारें उन लोगों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने में नाकाम रहीं हैं जो हिंदुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं

मानवाधिकार कार्यकर्ता का दावा, 'बांग्लादेश मे तेजी से कम हो रहे हैं हिंदू'
(फाइल फोटो साभार - WION)

कोझिकोड (केरल): मानवाधिकार कार्यकर्ता और प्रोफेसर रिचर्ड बेंकिन ने कहा है कि बांग्लादेश में हिंदुओं की संख्या लगातार कम हो रही है. देश में 1974 के वक्त हिंदुओं की संख्या कुल आबादी में जहां एक तिहाई थी, वहीं 2016 में यह घटकर कुल आबादी का 15वां हिस्सा रह गई है. बांग्लादेश की निरंतर अंतराल पर यात्रा करने वाले अमेरिका के रिचर्ड बेंकिन ने यहां अपनी यात्रा के दौरान बताया कि वह इस दक्षिण एशियाई देश में हिंदुओं के जातीय सफाए के खिलाफ कार्य कर रहे हैं. 

'सरकारें कार्रवाई करने में नाकाम रहीं'
बेंकिन ने कहा, "हिंदुओं के उन्मूलन के लिए उस देश में सम्मिलित प्रयास किए गए हैं. शेख हसीना और खालिदा जिया के अंतर्गत बांग्लादेशी सरकारें उन लोगों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने में नाकाम रहीं हैं जो हिंदुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "वर्तमान में बांग्लादेश की कुल आबादी 15 करोड़ है जिसमें से 90 फीसदी मुस्लिम हैं. हिंदू आबादी घटकर 9.5 फीसदी के करीब रह गई है."

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हिंदू महिलाओं और बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए
बेंकिन यहां भारतीय विचार केंद्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान देने आए थे. उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में हिंदू महिलाओं और बच्चों के लापता होने के मामले सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि पूरा विचार महिला को खत्म करने का है ताकि वह हिंदू को जन्म न दे सके. साथ ही बच्चों को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है कि हिंदुओं की अगली पीढ़ी को समाप्त किया जा सके.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में कई हिंदू संगठन हैं लेकिन माइनोरिटी वॉच को छोड़ दें तो अन्य जमीनी स्तर सक्रिय नहीं हैं. बेंकिन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है और वहां हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों से उन्हें अवगत कराया है.