ओबीसी विधेयक के संसद के मानसून सत्र में पारित होने के आसार

संसद की एक समिति में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के बारे में आम सहमति बन गयी है जिससे अगले माह शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र के इससे संबंधित विधेयक के राज्यसभा में पारित होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

ओबीसी विधेयक के संसद के मानसून सत्र में पारित होने के आसार

नयी दिल्ली: संसद की एक समिति में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के बारे में आम सहमति बन गयी है जिससे अगले माह शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र के इससे संबंधित विधेयक के राज्यसभा में पारित होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

इस विधेयक को इसी अप्रैल में लोकसभा की मंजूरी मिल गयी थी. किन्तु राज्यसभा में विपक्ष के विरोध को देखते हुए सरकार को झुकना पड़ा और विधेयक को उच्च सदन की प्रवर समिति के समक्ष भेज दिया गया.

प्रवर समिति के एक सदस्य ने बताया कि इसमें पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने के बारे में आम सहमति बन गयी है.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत एक सांविधिक संस्था है.

सदस्य ने बताया कि भाजपा सांसद भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता वाली इस समिति द्वारा 17 जुलाई से संभावित रूप से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने की उम्मीद है.

राज्य सभा की 25 सदस्यीय इस प्रवर समिति में शरद यादव, रामगोपालय यादव, सतीश मिश्रा और प्रफुल्ल पटेल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं.