अचानक फडणवीस के CM बनने का रास्ता कैसे हुआ आसान, जानें 'सीक्रेट गेम्स' के किरदार

जब सेना, पवार और कांग्रेस सरकार बनाने के अंतिम दौर में थे, तभी बीजेपी और अजित पवार ने राज्यपाल से मिलने का फैसला कर लिया था. 

अचानक फडणवीस के CM बनने का रास्ता कैसे हुआ आसान, जानें 'सीक्रेट गेम्स' के किरदार
कल देर रात देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया.

मुंबई: आज सुबह जब लोगों ने आंखें खोलीं तो उनका सामना एक ऐसी हैरतअंगेज तस्वीर से हुआ, जिसे देखकर हर कोई चौंक गया. सुबह करीब 8 बजकर पांच मिनट पर देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए टीवी पर दिखाई दिए. कहां तो शिवसेना महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाने का सपना देख रही थी और कहां उसका सपना रातोंरात चकनाचूर हो गया. ये सब मुमकिन हुआ शाह की चाणक्य नीति से. उनकी सधी हुई चाल से अचानक फड़णवीस के सीएम बनने की रास्ता कैसे आसान हो गया जिसकी संभावना आसपास कहीं नहीं दिख रही थी, वो आखिर सच में कैसे बदल गया. आप भी महाराष्ट्र की 'इनसाइड स्टोरी' पढ़ें. 
 
जब सेना, पवार और कांग्रेस सरकार बनाने के अंतिम दौर में थे, तभी बीजेपी और अजित पवार ने राज्यपाल से मिलने का फैसला कर लिया था. कल देर रात देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया. फडणवीस ने अपने पास 173 विधायकों के समर्थन होने का दावा किया. इसमें बीजेपी के सदस्यों के अलावा एनसीपी के 54 विधायक, 14 निर्दलीय और अन्य विधायकों के समर्थन होने का दावा किया. रात 11:45 बजे के आसपास एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास एनसीपी के 54 विधायकों की हस्ताक्षर सहित सूची लेकर पहुंचे.

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अजित पवार ने अपना समर्थन देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी को देने का पत्र राज्यपाल को सौंपा. एनसीपी का समर्थन पत्र मिलने के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस बात से आश्वस्त हुए की देवेंद्र फडणवीस के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा है. रात 12 बजे ही राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में लोकतांत्रिक सरकार के गठन का रास्ता साफ करने के लिए राष्ट्रपति शासन हटाने का निर्णय लिया. 

केंद्र को राज्य में गठबंधन सरकार बनने के हालात की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश भेज दी. सुबह 5.45 बजे के आसपास राज्य में लगा राष्ट्रपति शासन हटाने की जानकारी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को दी गई. सुबह 6:00 बजे के आसपास राज्यपाल ने देवेंद्र फडणवीस को शपथ दिलाने का निर्णय लिया. सुबह 6:30 बजे राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की तरफ से देवेंद्र फडणवीस के साथ अजित पवार के शपथ ग्रहण कराने का पत्र भेजा गया. इसमें सुबह ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने का निवेदन भी था. 

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सुबह 6:45 बजे देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल से निवेदन किया कि वो मुख्यमंत्री और अजित पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. बीजेपी की तरफ से शपथ ग्रहण का आग्रह मिलने के बाद ही राज्यपाल ने सुबह 8 बजकर 07 मिनट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार को शपथ दिलाई. ये भी बता दें कि राज्यपालों के दिल्ली में कॉन्फ्रेंस के लिए कल देश के लगभग सभी राज्यपाल और उप राज्यपाल दिल्ली आ गए थे लेकिन कोशियारी मुंबई में ही थे.