घर पर कैसे बनायें मिट्टी के गणपति

 पार्थिव गणपति की पूजा का विधान पुराणों में दिया गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी इस बार गणपति प्रतिमा को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक इस बार प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं के निर्माण और विसर्जन पर रोक है। यही वजह है कि इको फ्रेंडली गणपति की मांग काफी बढ़ गई है। गणपति भक्तों के सामने भी नई मुश्किल खड़ी हो गई है। उन्हे मिट्टी के गणपति बाज़ार में नहीं मिल रहे हैं। वैसे तो आप चंदन,दूर्वा और आटे,हल्दी से घर पर गणपति बना सकते हैं। या फिर इंटरनेट वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप पर भी आप इको फ्रेंडली गणपति का ऑर्डर दे सकते हैं। लेकिन अगर इसमें भी मुश्किल आ रही है तो घर पर भी बिना प्रदूषण फैलाये प्राकृतिक चीजों से गणेश प्रतिमा बनाई जा सकती है।  

घर पर कैसे बनायें मिट्टी के गणपति
ज़ी न्यूज़

दिल्ली: पार्थिव गणपति की पूजा का विधान पुराणों में दिया गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी इस बार गणपति प्रतिमा को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक इस बार प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं के निर्माण और विसर्जन पर रोक है। यही वजह है कि इको फ्रेंडली गणपति की मांग काफी बढ़ गई है। गणपति भक्तों के सामने भी नई मुश्किल खड़ी हो गई है। उन्हे मिट्टी के गणपति बाज़ार में नहीं मिल रहे हैं। वैसे तो आप चंदन,दूर्वा और आटे,हल्दी से घर पर गणपति बना सकते हैं। या फिर इंटरनेट वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप पर भी आप इको फ्रेंडली गणपति का ऑर्डर दे सकते हैं। लेकिन अगर इसमें भी मुश्किल आ रही है तो घर पर भी बिना प्रदूषण फैलाये प्राकृतिक चीजों से गणेश प्रतिमा बनाई जा सकती है।  
  घर पर बनायें इको फ्रेंडली गणपति
- सबसे पहले खास किस्म की शाड़ू मिट्टी खरीदें
- मिट्टी को पानी से गूंथ लें, ध्यान रखें मिट्टी ना ज़्यादा गीली हो और ना सूखी।
- आसन बनाने के लिये प्लेटफॉर्म पर कागज़ रखें ताकि मिट्टी चिपके नहीं।
- अपनी कल्पना के हिसाब से आकार दें।
- डिज़ायन के लिये किसी किताब या इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं
- मिट्टी का एक ढेर लेकर भी उसमें गणपति की आकृति बनाई जा सकती है 
- गणपति के हाथ-पैर,सिर को अलग से बनाकर भी जोड़ा जा सकता है।
- मूर्ति तैयार होने के बाद उसे छाये में सूखने दें।
- फिर प्रतिमा में अपनी कल्पना के रंग भरें और बाद में श्रृंगार करें।
इस तरह घर में गणपति को बनाकर उनका पूजन करें। वैसे तो लोग गणपति बप्पा को घर लाने के लिए दो महीने पहले ही मूर्तियों की बुकिंग शुरू कर देते हैं। लेकिन इस बार पर्यावरण का ध्यान रखते हुये बहुत से लोग इको फ्रेंडली मूर्तियों के पूजन पर ज़ोर दे रहे हैं। अहमदाबाद से हेतल कहती हैं कि 'जब हम नदी या तालाब में मूर्ति विसर्जन करते हैं तो उसके बाद नदी या तालाब का पानी ज़हरीला हो जाता है। भगवान की मूर्ति का भी अपमान होता है। इससे बेहतर है कि मिट्टी की मूर्ति का घर में ही विसर्जन कर उसका सम्मान करें।' 
पुराणों में महिमा
गणेश पुराण में भी मिट्टी के गणपति की विशेष महिमा बताई गई है। अगर आप मिट्टी के गणपति घर में स्थापित करके,पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं तो बप्पा आपको न सिर्फ ऋद्धि-सिद्धि देंगे, बल्कि आपकी हर इच्छा भी पूरी करेंगे।