महाराष्ट्र: मानवाधिकार आयोग 4 महीने में पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेगा

राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की पीठ के समक्ष गत सप्ताह यह दलील दी

महाराष्ट्र: मानवाधिकार आयोग 4 महीने में पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेगा
आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति भी जल्द की जाएगी

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई उच्च न्यायालय को बताया कि अपर्याप्त जगह और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग चार महीने के भीतर नए स्थान से और पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेगा. 

राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की पीठ के समक्ष गत सप्ताह यह दलील दी. पीठ 2012 में दायर रिट याचिका और 2013 में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (एमएसएचआरसी) के लिए सरकार द्वारा मुहैया कराई गई अपर्याप्त निधि और ढांचागत सुविधाओं की ओर अदालत का ध्यान खींचा गया है.

इन याचिकाओं पर उच्च न्यायालय की एक अन्य पीठ ने कहा था कि राज्य में मानवाधिकार उल्लंघन और हिरासत में मौत के अनसुलझे मामले बढ़ने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार ने संभवत: 'मानवाधिकार आयोग की चिंता नहीं की' और उसने आयोग को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के लिए कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखाई. 

अदालत ने राज्य को आयोग को नया कार्यालय आवंटित करने, नए कर्मचारी नियुक्त करने और मौजूदा कर्मचारियों को जल्द से जल्द नियमित करने के निर्देश दिए थे. महाधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि पिछले आदेश का पालन करते हुए सचिव और आयोग के पुलिस अधीक्षक के पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द की जाएगी.