महाराष्ट्र के घमासान पर संसद में हंगामे के आसार, कांग्रेस-NCP-शिवसेना को मिल सकता है अन्य पार्टियों का साथ

विपक्षी दल इस मसले को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा.

महाराष्ट्र के घमासान पर संसद में हंगामे के आसार, कांग्रेस-NCP-शिवसेना को मिल सकता है अन्य पार्टियों का साथ
फाइल फोटो

नई दिल्ली: महाराष्ट्र (Maharashtra) में मचे सियासी घमासान के बीच आज (सोमवार) संसद में भी हंगामा होने के आसार हैं. कांग्रेस-NCP-शिवसेना को अन्य पार्टियों का साथ भी मिल सकता है. विपक्षी दल इस मसले को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. ऐसे में आज भी संसद की कार्यवाही हंगामेदार रहने के आसार हैं. आपको बता दें कि 18 नवंबर से शुरू हुए संसद का शीतकालीन सत्र का आज आठवां दिन है. यह सत्र 13 दिसंबर तक चलेगा.

उधर, महाराष्ट्र के सियासी घमासान के बीच फ्लोर टेस्ट वाली राजनीति पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में आज अहम सुनवाई होने वाली है. कांग्रेस (Congress), एनसीपी (NCP) और शिवसेना (Shiv Sena) की संयुक्त याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को फिर सुनवाई करेगा. जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ सोमवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई शुरू करेगी. 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, सीएम फडणवीस और डेप्युटी सीएम अजित पवार को रविवार को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने केंद्र सरकार से राज्यपाल के राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश और फडणवीस को सरकार गठन के लिए आमंत्रण वाले पत्र को पेश करने का आदेश दिया था. ऐसे में, सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता आज गवर्नर के आदेश और समर्थन पत्र की कॉपी कोर्ट को सौंपेंगे. शिवसेना-NCP-कांग्रेस जल्द फ्लोर टेस्ट की मांग आज फिर दोहरा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट फ्लोर टेस्ट को लेकर कोई फैसला दे सकता है. 

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डेढ़ घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट पर आ सकता है आदेश
सुप्रीम कोर्ट आज डेढ़ घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट पर कोई आदेश दे सकता है. दरअसल, 12 बजे जस्टिस रमना की ही अध्यक्षता वाली दूसरी पीठ को जम्मू-कश्मीर में जारी पाबंदियों पर सुनवाई करनी है. यानी सोमवार को डेढ़ घंटे के अंदर सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र मसले में जल्द फ्लोर टेस्ट की मांग पर आदेश आ सकता है. 

इससे पहले, रविवार को सुनवाई के दौरान शिवसेना के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हम लोग आज ही बहुमत साबित कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लेकिन मुद्दा ये है कि बहुमत 'उन्हें' साबित करना है. BJP विधायकों के वकील मुकुल रोहतगी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि कोई राजनीतिक पार्टी आर्टिकल 32 के तहत पेटिशन कैसे दायर कर सकती है. कपिल सिब्बल ने कहा कि आज ही बहुमत परीक्षण की अनुमति दी जाए.मुकुल रोहतगी ने कहा कि विधानसभा कोर्ट को सम्मान दे और कोर्ट को भी सदन को सम्मान देना चाहिए. 

एनसीपी की तरफ से पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हमने तय किया है कि अजित पवार पार्टी विधायक दल के नेता नहीं है. वह कैसे डिप्टी सीएम पद पर बने रह सकते हैं. जब उनके पास अपनी ही पार्टी में समर्थन हासिल नहीं है. जब एनसीपी के 41 विधायकों ने कह दिया है कि हम एनसीपी के साथ है और हम अजित पवार को आगे से एनसीपी का नेता नहीं मानते हैं. इससे पहले तुषार मेहता ने कहा कि मैं सॉलिसिटर जनरल के रूप में पेश हुआ हूं. मुझे नहीं पता कि किसके लिए पेश होना है. लेकिन बाद में उन्होंने कोर्ट को बताया कि वह केंद्र सरकार यानि राज्यपाल की तरफ से पेश हुए हैं.