चंदा कोचर पर बोले बीजेपी सांसद उदित राज, 'ये व्हाइट कॉलर क्रिमिनल हैं'

आईसीसीआई बैंक और वीडियोकॉन के बीच हुई 3250 करोड़ की स्वीट डील मामले में चंदा कोचर से 27 मई का दिन पूछताछ के लिए तय हुआ था

चंदा कोचर पर बोले बीजेपी सांसद उदित राज, 'ये व्हाइट कॉलर क्रिमिनल हैं'
भाजपा सांसद उदितराज (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर पूछताछ से पहले ही छुट्टी पर जाने पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. सवालों और तमाम परिस्थितियों के बीच बीजेपी सांसद उदित राज ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां चंदा कोचर से पूछताछ क्यों नहीं करती? उदित राज ने कहा, 'मैं एजेंसियों से आग्रह करता हूं कि वे मामले की जांच करें और पैसे वसूलें. ये व्हाइट कॉलर क्रिमिनल हैं. इनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.'

 

 

27 मई को होनी थी चंदा कोचर से पूछताछ
आईसीसीआई बैंक और वीडियोकॉन के बीच हुई 3250 करोड़ की स्वीट डील मामले में चंदा कोचर से 27 मई का दिन पूछताछ के लिए तय हुआ था. पूछताछ शुरू होने से पहले ही चंदा कोटर छुट्टियों पर चली गईं, जिसके बाद आईसीआईसीआई बैंक की ओर से की जा रही जांच पर सवाल उठने लगे हैं. 

बैंक ने दिए जवाब
चंदा कोचर को अचानक छुट्टी दिए जाने पर बैंक ने स्पष्टीकरण दिया है. बैंक की ओर से कहा गया है कि चंदा कोचर का छुट्टियों पर जाना काफी पहले से ही तय था. उनकी छुट्टियों और इस मामले की जांच का आपस में कोई संबंध नहीं है.

क्या है पूरा मामला
पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें आ रही है कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए लोन में कथित तौर पर भ्रष्टाचार किया है. इससे पहले आईसीआईसीआई बैंक के अध्यक्ष एमके शर्मा ने सीईओ चंदा कोचर के बचाव में उतरते हुए कहा था कि बोर्ड का सीईओ पर पूरा भरोसा है.

कर्ज मंजूरी के लिए आंतरिक प्रक्रिया की समीक्षा की
साथ ही एमके शर्मा ने वीडियोकॉन समूह को दिए ऋण को लेकर आरोपों को खारिज कर दिया. आपको बता दें कि वीडियोकॉन समूह को मुहैया किए गए एक कर्ज में कोचर और उनके परिवार के सदस्यों की कथित संलिप्तता की खबरें आई हैं. शर्मा ने कहा कि बैंक ने कर्ज मंजूरी के लिए अपनी आंतरिक प्रक्रिया की समीक्षा की और उन्हें मजबूत पाया. उन्होंने बताया कि बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि विभिन्न अफवाहों में लगाए गए आरोपों जैसी कोई गड़बड़ी/ भाई भतीजावाद/ हितों का टकराव नहीं है. उन्होंने कहा कि बैंक और इसके शीर्ष प्रबंधन की छवि खराब करने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं.