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अवैध हथियार फैक्ट्री: यासीन भटकल के खिलाफ अदालत ने तय किया आरोप

दिल्ली की एक अदालत ने यहां कथित रुप से अवैध हथियार फैक्ट्री लगाने के मामले में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सदस्य यासीन भटकल और आठ अन्य के खिलाफ साजिश एवं आतंक संबंधी अन्य आरोप तय किये. 

अवैध हथियार फैक्ट्री: यासीन भटकल के खिलाफ अदालत ने तय किया आरोप
इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सदस्य यासीन भटकल और आठ अन्य के खिलाफ साजिश एवं आतंक संबंधी अन्य आरोप तय किये.(फाइल फोटो)

 नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने यहां कथित रुप से अवैध हथियार फैक्ट्री लगाने के मामले में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सदस्य यासीन भटकल और आठ अन्य के खिलाफ साजिश एवं आतंक संबंधी अन्य आरोप तय किये. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप निर्धारित किये.

अदालत ने अहमद सिद्दिबप्पा उर्फ यासीन भटकल के अलावा अन्य कथित आईएम सदस्यों जिया-उर-रहमान, तहसीन अख्तर, मोहम्मद वकार अजहर, मोहम्मद मारुफ , मोहम्मद सकिब अंसारी, इम्तेयाज आलम और एजाज शेख के खिलाफ भी आरोप तय किये. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख सात मार्च तय की.

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दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने कथित रुप से अवैध हथियार फैक्ट्री लगाने के मामले में आरोपपत्र दायर किया था. इस फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारुद मिले थे.

5 शीर्ष आतंकियों को सुनाई गई थी मौत की सजा
इंडियन मुजाहिदीन के सह संस्थापक यासीन भटकल और एक पाकिस्तानी नागरिक समेत प्रतिबंधित संगठन के शीर्ष पांच आतंकवादियों को विशेष एनआईए अदालत ने फरवरी 2013 में हैदराबाद में हुए बम धमाकों के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. इस धमाके में 18 लोगों की मौत हुई थी. फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश टी श्रीनिवास राव ने इसे विरलतम से विरला मामला बताया था. यह पहला मामला है जिसमें इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादियों को आतंक के किसी मामले में दोषी ठहराया गया था. एनआईए की तरफ से विशेष लोक अभियोजक के सुरेंद्र ने बताया था कि साक्ष्य का अध्ययन करने के बाद अदालत ने पाया था कि मामला तथ्यों पर आधारित है. 

जेल से भागने की फिराक में था यासीन भटकल?
कुछ साल पहले इंडियन मुजाहिदीन का सरगना यासीन भटकल जेल से भागने की फिराक में था. भटकल ने हैदराबाद की एक जेल से अपनी पत्नी जाहिदा को किए गए फोन से इस बात का खुलासा हुआ था. खुफिया एजेंसियों ने इस फोन कॉल को इंटरसेप्ट किया था. इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई थी. 

समाचार पत्र 'द टाइम्स आफ इंडिया' की रिपोर्ट में कहा गया था कि भटकल ने अपनी पत्नी को फोन पर कहा था कि वह दमिश्क की मदद से जल्द ही जेल से बाहर निकल जाएगा. खुफिया एजेंसियों का मानना था कि भटकल जरूर इस्लामिक स्टेट का हवाला दे रहा होगा क्योंकि सीरिया का एक बड़ा इलाका आईएस के नियंत्रण में है.