हड़ताल का असर: हिसार में थमे रोडवेज के पहिए, यात्री हुए मजबूर

केंद्रीय ट्रेड यूनियन की हड़ताल का असर हरियाणा में भी देखने को मिला. हिसार की अगर बात की जाए तो हिसार रोडवेज के बस स्टैंड पर सरकारी बसों के पहिये रोक दिए गए.

हड़ताल का असर: हिसार में थमे रोडवेज के पहिए, यात्री हुए मजबूर
हिसार में रोकी गईं बसें

हिसार: केंद्रीय ट्रेड यूनियन की हड़ताल का असर हरियाणा में भी देखने को मिला. हिसार की अगर बात की जाए तो हिसार रोडवेज के बस स्टैंड पर सरकारी बसों के पहिये थाम दिए गए. ऐसे में रोडवेज को आज करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. हिसार में यूनियन नेताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किए. हिसार से चंडीगढ, दिल्ली, टोहाना, लुधियाना, सिरसा और तमाम अन्य रूटों पर जाने वाली बस सेवाएं प्रभावित रहीं. जिसके चलते यात्रियों को खासी दिक्कतों का समाना करना पड़ा.

हिसार में प्रदर्शन की अगुवाई करने वालों में शामिल रोडवेज यूनियन नेता दलबीर सिंह किरमारा ने कहा कि सरकार की नीतियों ने ही उन्हें मजबूर किया है. किरमारा ने कहा कि सरकार आज निजीकरण को बढ़ावा देती नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि रेल, जहाज और बसों की सेवाओं को सरकार बेचने पर तुली हुई है. जिसके चलते केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने आज को लेकर आह्वान किया था. यहां सुबह के वक्त तमाम बूथों पर केवल प्राइवेट बसें लगी नजर आईं. उन प्राइवेट परिवहन समिति की बसों में पहले की अपेक्षा ज्यादा भीड़ दिखी.

रोडवेज कर्मियों ने एकता के साथ हड़ताल में अपनी सहभा​गिता दिखाई. हरियाणा रोडवेज यूनियन के नेता राजपाल सिंह नैन ने बताया कि हिसार डिपो की तमाम बसें यहीं रोकी गई हैं. सरकार को चाहिए था​ कि कर्मचारी वर्ग की मांगों की तरफ गौर करें. आज हालात यह हैं कि महंगाई बढ़ती जा रही है, लेकिन कर्मचारी वर्ग की तरफ कोई ख्याल नहीं किया जा रहा. केवल कर्मचारियों का शोषण हो रहा है. उन्होंने कहा कि रोडवेज प्रशासन ने होम गार्ड के जरिए बसें चलवाने की कोशिश की है, जो यात्रियों की सुरक्षा के साथ सीधे—सीधे खिलवाड़ है.

यू​नियन नेता राजपाल सिंह नैन ने बताया कि हड़ताल केवल आज की ही है. ऐसे में शाम 5 बजे तक तमाम रूटों पर सेवाएं दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगी.

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हिसार में हड़ताल से निपटने के लिए जिला प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया. बस स्टैंड की अगर बात करें तो यहां डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था. हिसार रोडवेज जीएम सुरेंद्र सिंह दूहन भी खुद मोर्चा संभाले नजर आए. उनके नेतृत्व में सुबह करीबन 10 बसों की रवानगी भी करवाई गई. इसके अलावा एहतिहात के तौर पर धारा 144 भी लगाई गई थी. हिसार में बस स्टैंड परिसर से जिन बसों की रवानगी हुई, उन्हें होमगार्ड और दूसरे चालक—परिचालकों की मदद से रवाना किया गया. लेकिन जो स्थाई रोडवेज कर्मी थे, उन्होंने बसों से दूरी बनाई रखी.