डोकलाम में भारत की कूटनीतिक जीत, दोनों देश हटाएंगे अपनी-अपनी सेना

डोकलाम विवाद सुलझता दिख रहा है. भारत और चीन दोनों ही अपनी-अपनी सेना हटाने को तैयार हो गए हैं. 

डोकलाम में भारत की कूटनीतिक जीत, दोनों देश हटाएंगे अपनी-अपनी सेना
तीन महीने से डोकलाम में डटी थीं दोनों देशों की सेनाएं (file pic)

नई दिल्ली : डोकलाम विवाद सुलझता दिख रहा है. भारत और चीन दोनों ही अपनी-अपनी सेना हटाने को तैयार हो गए हैं. लगभग तीन महीने से दोनों देशों की सेनाएं डोकलाम में डटी हुई थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, रविश कुमार इस फैसले पर विदेश मंत्रालय का बयान ट्वीट किया है. इस घोषणा को भारत की बड़ी जीत माना जा रहा है क्योंकि भारत इस मसले को बातचीत के जरिए सुलझाने के पक्ष में था, जबकि चीन भारत को लगातार युद्ध के लिए धमका रहा था. 

विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देश अपनी सेनाएं डोकलाम से पीछे हटा रहे हैं.  मंत्रालय ने बताया गया है कि इस मुद्दे को लेकर पिछले कई दिनों से हो रही बातचीत में भारत ने चीन को अपनी चिंताओं से वाफिक कराया जिसके बाद सेनाएं हटाने का फैसला हुआ है. 

क्या है डोकलाम विवाद

दरअसल डोकलाम जिसे भूटान में डोलम कहते हैं. करीब 300 वर्ग किलोमीटर का ये इलाका चीन की चुंबी वैली से सटा हुआ है और सिक्किम के नाथुला दर्रे के करीब है. इसलिए इस इलाके को ट्राई जंक्शन के नाम भी जाना जाता है. ये डैगर यानी एक खंजर की तरह का भौगोलिक इलाका है, जो भारत के चिकन नेक यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर की तरफ जाता है. चीन की चुंबी वैली का यहां आखिरी शहर है याटूंग. चीन इसी याटूंग शहर से लेकर विवादित डोलम इलाके तक सड़क बनाना चाहता है.  इसी सड़क का पहले भूटान ने विरोध जताया और फिर भारतीय सेना ने.