Dhurandhar Film: मेरा ल्यारी फिल्म को लेकर सिंध के मंत्री शरजील इनाम मेमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. अपने बयान में मेमन ने लिखा कि ल्यारी का असली चेहरा बिल्कुल अलग है.
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Dhurandhar Film: भारतीय सिनेमाघरों में बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर'ने रिलीज होने के बाद से धमाल मचा रखा है. फिल्म के हिट होने का अंदाजा इसके सोशल मीडिया पर हो रहे चर्चा से लगाया जा सकता है, इतना ही नहीं दर्शक लगातार धुरंधर को पसंद कर रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ धुरंधर ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा रखा है. क्योंकि इस फिल्म में जिस तरह से ल्यारी इलाके और पुलिस ऑफिसर चौधरी असलम की छवि को दिखाया गया है, उससे पाकिस्तान को मिर्ची लग रही है.
पाकिस्तान की 'ल्यारी'
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी बेइज्जती करवाने के बाद पाकिस्तानी सरकार ने फिल्म की आलोचना की है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने अपनी फिल्म 'मेरा ल्यारी' को अगले महीने रिलीज करने का ऐलान भी किया है. दरअसल, मेरी ल्यारी फिल्म के जरिए पाकिस्तान सरकार अपना हित साधना चाहती है और संदेश देना चाहती की ल्यारी सिर्फ हिंसा का गढ़ नहीं है. बल्,कि ये संस्कृति, साहस, और सामर्थ्य का प्रतीक है. मेरा ल्यारी फिल्म को लेकर सिंध के मंत्री शरजील इनाम मेमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. अपने बयान में मेमन ने लिखा कि ल्यारी का असली चेहरा बिल्कुल अलग है. 'धुरंधर' फिल्म में ल्यारी को लेकर नकारात्मक पहलू दिखाए गए हैं. ल्यारी को लेकर मेमन ने आगे कहा 'यहां केवल अपराध और हिंसा नहीं है, बल्कि ये जगह शांति, प्रतिभा और पाकिस्तान के लिए गर्व की मिसाल है'. मेरी ल्यारी की तारीफ करते हुए मेमन ने कहा कि असली ल्यारी की कहानी हमारी फिल्म बताएगी, जिसे धुरंधर फिल्म ने गलत तरीके से पेश किया है.
क्या है ल्यारी?
यानि की पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर डरा हुआ है. क्योंकि धुरंधर फिल्म में ल्यारी के इतिहास को दिखाया गया है, जहां पर गैंगवार से लेकर पुलिस ऑपरेशन और आपराधिक दुनिया का बोलबाला है. पाकिस्तानी सरकार के इस कदम से एक बात तो साफ है कि धुरंधर फिल्म ने उनकी सरकार को असहज कर दिया है और इसी वजह से वो अपनी फिल्म मेरा ल्यारी को रिलीज करने की जल्दी में हैं. ताकि धुरंधर दिखाई गई ल्यारी की इमेज से हुए डैमेज को कंट्रोल किया जा सके. दरअसल, ल्यारी पाकिस्तान के कराची में एक इलाका है और ल्यारी नाम ल्यार से आया है. जिसका मतलब है कब्रिस्तानों में उगने वाले पेड़. 2000 के दशक के आसपास गैंगवार के दिनों में ल्यारी में कई कब्र खुदीं थी और ल्यारी ने रहमान डकैत के जन्म, उदय से लेकर उसके अंत को भी देखा था. रहमान डकैत 1990 के दशक में हथियारों से लेकर ड्रग तस्करी और उगाही के बल पर अपना साम्राज्य खड़ा करने में सफल हुआ था, जिसके बाद साल 2000 की शुरुआत में रहमान ने ल्यारी में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और जुआ रैकेटों पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया था.
इनपुट--आईएएनएस
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