भारत ने आतंकी मसूद अजहर के मुद्दे पर चीन से लिया बदला, उइगर नेता को दिया वीजा

चीन के एक प्रमुख असंतुष्ट नेता को अगले सप्ताह धर्मशाला में आयोजित होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रण भारत और चीन के बीच तनाव का एक और कारण बन सकता है।

भारत ने आतंकी मसूद अजहर के मुद्दे पर चीन से लिया बदला, उइगर नेता को दिया वीजा
तस्वीर सौजन्य : @Dolkun_Isa/ Twitter

नई दिल्ली : चीन के एक प्रमुख असंतुष्ट नेता को अगले सप्ताह धर्मशाला में आयोजित होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रण भारत और चीन के बीच तनाव का एक और कारण बन सकता है।

वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (डब्ल्यूयूसी) के नेता डोल्कन ईसा जर्मनी में रहते हैं। ईसा को अमेरिका स्थित ‘इनीशिएटिव फॉर चाइना’ द्वारा आयोजित सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। उम्मीद है कि सम्मेलन में उइगर के साथ ही निर्वासन में रह रहे कई अन्य चीनी असंतुष्ट हिस्सा लेंगे और चीन में लोकतांत्रिक परिवर्तन पर चर्चा करेंगे।

डोल्कन को वीजा देने की खबरों पर चीन की अप्रसन्नता चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग के बयान उस में प्रतिबिंबित हुई जिसमें उन्होंने कहा, ‘मैं यह कहना चाहती हूं कि डोल्कन इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस और चीन पुलिस के अनुसार एक आतंकवादी है। उसे न्याय के कटघरे में लाना देशों का दायित्व है।’ 

इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने शुक्रवार को कहा, ‘हमने मीडिया की खबरों को देखा है और विदेश मंत्रालय तथ्यों का पता लगाने का प्रयास कर रहा है।’ डब्ल्यूयूसी नेताओं को भारत यात्रा की अनुमति देने का भारत का निर्णय माना जा रहा है चीन के उस कदम के जवाब में है जिसके तहत उसने संयुक्त राष्ट्र में जैशे मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के भारत के प्रयास को बाधित किया था। चीन डब्ल्यूयूसी नेताओं को अपने अशांत मुस्लिम बहुल शिन्जियांग प्रांत में आतंकवाद का समर्थक मानता है।

इस बीच मीडिया में डोल्कन के हवाले से कहा गया है कि उन्हें भारत सरकार ने सम्मेलन के लिए पहले ही वीजा प्रदान कर दिया है लेकिन वह कोई भी अंतिम निर्णय भारत में अपनी सुरक्षा का आकलन करने के बाद ही करेंगे क्योंकि चीन ने उनके खिलाफ इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराया है।