दुनिया में किस भारतीय महिला ने बतौर कमर्शियल पायलट कॉकपिट में रखा था पहला कदम, यहां पढ़ें

दुनिया में सर्वाधिक महिला पायलट्स की संख्‍या भारत में, अमेरिका में तीन फीसदी, चीन में एक फीसदी हैं महिला पायलट, भारत में कुल पायलटों में महिलाओं की हिस्सेदारी 12 फीसदी.

दुनिया में किस भारतीय महिला ने बतौर कमर्शियल पायलट कॉकपिट में रखा था पहला कदम, यहां पढ़ें

नई दिल्‍ली: विमानन जगत में भारतीय महिलाओं ने शुरू से अग्रणी भूमिका निभाई है. भारत ने विमानन जगत को न केवल पहली कामर्शियल पायलट दी, बल्कि पहली सबसे कम उम्र की जेट कमांडर का खिलाब भी भारतीय महिला के पास है. जी हां,  विश्‍व की पहली काशर्मियल पायलट बनने वाली भारतीय महिला कैप्‍टन दुर्भा बनर्जी है. उन्‍हें 1966 में इंडियन एयरलाइंस ने कैप्‍टन के पद पर तैनात किया गया था. 

इसके अलावा, विश्व में पहली बार 1989 में फर्स्ट आल वूमेन क्रू प्लाइट की कमान कैप्टन सौदामिनी देशमुख को सौंपी गई थी. विमानन जगत में भारतीय महिलाओं के सफलता की कहानी यहीं नहीं रुकती है. दुनिया में सबसे कम उम्र में जेट कमांडर बनने का खिताब भी कैप्‍टन निवेदिता भसीन के पास है. वहीं,  अंतरराष्ट्रीय सेक्टर में विमानों के परिचालन के लिए एयर इंडिया ने 1988 में पहली बार हरप्रीत ए डे सिंह को महिला पायलट नियुक्त किया था.

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अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्‍ली से सैनफ्रांसिस्‍को जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-173 की महिला पायलट. 

भारत में हैं सर्वाधिक महिला पायलट 
दिसंबर 1966 में विश्व को पहली महिला कामर्शियल पायलट देने वाला भारत आज भी महिलाओं पायलटों की औसत संख्या के मामले में अगृणी है. मौजूदा दौर में जहां विश्व में महिला पायलटों का औसत महज पांच फीसदी है. वहीं भारत में महिला पायलटों की संख्‍या 12 फीसदी से अधिक है. विमानन से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, भारत में रजिस्टर्ड एयरलाइंस की बात करें तो मौजूदा समय में एयर इंडिया महिला पायलटों की संख्‍या करीब 13 फीसदी है. वहीं भारत की प्रमुख निजी एयरलाइंस में भारतीय पायलट्स की संख्‍या 12 से 13 फीसदी के बीच है. 

इसके अलावा, बीते कुछ वर्षों में आई एयरलाइंस में महिला पायलटों का प्रतिशत करीब नौ है. विमानन क्षेत्र से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, वर्तमान समय में दुनिया में कुल पायलट्स की संख्‍या 1लाख 51 हजार 624 है. जिसमें महज 8118 पायलट महिलाएं हैं. यानी दुनिया में महलिा पायलट्स की संख्‍या महज 5.4 फीसदी है. जिसमें से महज 2225 (1.5 फीसदी) महिला पायलट को कमांडर का पद मिला हुआ है. वहीं भारत की बात करें तो देश में कुल पायलट्स की संख्‍या 8797 है. जिसमें 1092 पायलट महिला पायलट. भारत में कमांडर के पद पर तैनात महिला पायलट की संख्‍या 385 (10.4 फीसदी) है.

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अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्‍ली से नेवार्क जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-101 का महिला क्रू.

 

महिलाओं पायलटों की संख्या को लेकर अमेरिका और चीन हैं भारत से हैं बहुत पीछे
भारत में जहां वर्तमान समय में महिला पायलटों की संख्या कुल पायलटों के अनुपात में करीब 13 फीसदी है. वहीं विश्व में यह औसत करीब पांच से छह फीसदी के बीच है. अमेरिका में कुल पायलटों के अनुपात में महिला पायलटों की संख्या महज तीन फीसदी है. जबकि चीन में महिला पायलटों की संख्या एक फीसदी से भी कम है. भारत में महिला पायलट्स का एक वर्ग ऐसा है जो पायलट बनने में इच्‍छुक युवतियों की मदद भी कर रही हैं.

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दिल्‍ली से सैनफ्रांसिसको के बीच 15300 किलोमीटर की दूरी को महज 15.30 घंटे में पूरा करने वाला एयर इंडिया के महिला क्रू ने अंतरराष्‍ट्रीय दिवस के अवसर पर एयरलाइंस के प्रबंध निदेशक अश्‍वनी लोहानी से मुलाकात की. 

इंडियन वूमेन पायलट एसोसिएशन की प्रेसीडेंट हरप्रीत ए डे सिंह ने बताया कि पायलट के कैरियर में आडे आ रही आर्थिक तंगी को महिला पायलटों ने आपसी चंदे के जरिए दूर किया है. उन्‍होंने बताया कि बीते कुछ वर्षों में 12 ऐसे मामले आ चुके हैं, जिसमें आर्थिक तंगी के चलते भावी महिला पायलट की ट्रेनिंग बीच में रुक गई. इसी भावी महिला पायलटों की मदद के लिए महिला पायलटों ने आपस में चंदा कर उन्हें आर्थिक मदद मुहैया कराई. जिससे वह अपनी ट्रेनिंग पूरी कर सकी. हाल में ऐसा ही उदारण बोइंग 777 की कैप्टन राम्या कीर्ति गुप्ता के रूप में सामने आया है.