#IndiaKaArth: 'अर्थ महोत्‍सव' में बोले शाह- जैसे दूध में शक्कर मिली है वैसे ही हमारे DNA में लोकतंत्र है

तीन दिवसीय सांस्‍कृतिक पर्व 'अर्थ: सांस्‍कृतिक महोत्‍सव' (Arth: A culture fest) का आज दूसरा दिन है.

#IndiaKaArth: 'अर्थ महोत्‍सव' में बोले शाह- जैसे दूध में शक्कर मिली है वैसे ही हमारे DNA में लोकतंत्र है
शाह ने कहा कि दुनिया की ढेर सारी समस्याओं का समाधान हमारी संस्कृति में है...

नई दिल्ली: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्‍टेडियम में चल रहे 'अर्थ' (Arth: A Culture Fest) का आज दूसरा दिन है. तीन दिवसीय महोत्सव भारत के विद्वानों, दार्शनिकों, लेखकों, कलाकारों और शिल्‍पकारों की भागीदारी का गवाह बन रहा है. इस सिलसिले में देश के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) इस महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे. शाह ने अपने संबोधन में कहा, "मैं ZEE NEWS के इस प्रयास की सरहाना करता हूं. हम सबके सिर पर एक जिम्मेदारी है, हमें संसकृति को आगे ले जाने का प्रयत्न करना है. दुनिया की ढेर सारी समस्याओं का समाधान हमारी संस्कृति में भरा पड़ा है." 

शाह ने आगे कहा, "जैसे दूध में शक्कर मिली है वैसे ही हमारे DNA में लोकतंत्र है. हमारी संस्कृति को अगर समझना है तो बाहर की भाषा से नही समझ सकते हमे अपनी भाषा से समझना होगा. जब भी आप किसी से बात करें तो अपनी भाषा मे शुरू करिए." 

गृह मंत्री शाह ने अपने संबोधन में कहा, "भारत की संस्कृति को सिर्फ सांस्कृतिक कारणों से चिंरजीव बनाना जरूरी नहीं है. मैं ये मानता हूं कि दुनिया की ढेर सारी समस्याओं का समाधान हमारी संस्कृति में विद्यमान है. इसलिए हमारी संस्कृति का संरक्षण जरूरी है. हम पर जिम्मेदारी है कि जो हजारों साल से जिस संस्कृति का प्रवाह अनवरत रूप से मिला है. उसे और हजारों साल तक आगे ले जाने के लिए हमें प्रयास करना चाहिए." 

शाह ने अपने संबोधन में आगे कहा, "हमारी परंपरा में वेदों में कहा गया है कि दुनिया की सभी दिशाओं से अच्छे विचार हमें मिले, हम सब अच्छे विचारों को ग्रहण करें और दुनिया की उन्नति के लिए काम करें, ये हमारी संस्कृति का मूल विचार है. हर देश की पहचान उसकी सीमाओं, भूगोल और उसकी राज्य व्यवस्था के आधार पर होती है. भारत दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जो  देश नहीं है, जियो-कल्चरल (Geo-Cultural) देश है. गुलामी के इतने लंबे कालखंड के बाद भी हम अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाते रहे हैं. भाषा बचेगी तो संस्कृति बचेगी." 

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'अर्थ' (Arth: A Culture Fest) भारत की मिट्टी की महक, परंपरा और विरासत, इतिहास, कला और संस्‍कृति की खुशबू को महसूस करने वाला भारत का पहला बहु-क्षेत्रीय संस्कृति का त्‍योहार है. 'अर्थ कल्चर फेस्टिवल' का मकसद भारतीय संस्कृति, कला, इतिहास, रीति-रिवाज से युवा पीढ़ी को परिचित कराना और प्राचीन भारत से आधुनिक युग को कनेक्ट करना है. इस फेस्टिवल का शुभारंभ करते हुए राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा ने कहा कि मानव जीवन में संस्कृति ही सब कुछ है और मानव जीवन की शुरुआत से अंत तक संस्कृति का महत्व है.