LAC पर चीन को सबक सिखाने का इंतजाम पूरा, भारतीय सेना ने की तैयारी

आर्मी सर्विस कोर के एक अधिकारी ने बताया कि राशन की हर चीज गोदामों में भरी हुई है और उसे आगे भेजा जा रहा है. फॉरवर्ड लोकेशन पर सर्दियों में किसी किस्म के राशन की कोई कमी नहीं होगी. क्योंकि ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को खासतौर पर सर्दियों में विशेष राशन की जरूरत होती है.

LAC पर चीन को सबक सिखाने का इंतजाम पूरा, भारतीय सेना ने की तैयारी
भारतीय सेना ने पूरी सर्दियां लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनाती के लिए तैयारी पूरी कर ली है....

नई दिल्ली : भारतीय सेना (Indian Army) ने पूरी सर्दियां लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर तैनाती के लिए तैयारी पूरी कर ली है. लेह (Leh) स्थित 14 वीं कोर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अरविंद कपूर ने बताया कि सेना के लिए ईंधन, विशेष कपड़े, टेंट, खास भोजन जैसी चीज़ों की इतनी मात्रा एकत्र कर ली गई है जो अगले 14 महीने के लिए पर्याप्त है. 

वायुसेना के ग्लोबमास्टर (Boeing C-17 Globemaster) और आईएल 76 (IL 76) जैसे बड़े ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से रसद और दूसरा साजोसामान लगातार लेह एयरपोर्ट पहुंच रहा है. इनमें आर्कटिक टेंट, कमरा गर्म करने के लिए कैरो हीटर जैसी चीजें शामिल हैं जिनकी ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को आने वाली सर्दियों में जरूरत होगी. 

फॉरवर्ड लोकेशन तक पहुंच रही रसद
इन सामानों को फॉरवर्ड इलाकों तक जल्दी पहुंचाने के लिए पिछले साल वायुसेना में शामिल चिनूक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है जो एक बार में 10 टन तक वजन उठा सकता है. जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है वो है ईंधन. लेह स्थित सेना के फ्यूल डिपो के अंडर ग्राउंड टैंक में 4 लाख लीटर तक तेल भरा जा सकता है जो लगातार ऑयल टैंकरों के जरिए आ रहा है. इसे बैरलों में भरकर गाड़ियों के काफिले लगातार फॉरवर्ड लोकेशन तक जा रहे हैं.

आर्मी सर्विस कोर के एक अधिकारी ने बताया कि राशन की हर चीज गोदामों में भरी हुई है और उसे आगे भेजा जा रहा है. फॉरवर्ड लोकेशन पर सर्दियों में किसी किस्म के राशन की कोई कमी नहीं होगी. क्योंकि ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को खासतौर पर सर्दियों में विशेष राशन की जरूरत होती है. जिनमें पर्याप्त मात्रा में पोषण होने के साथ वो खाने में रुचिकर हों. इनमें सूखे मेवे, चाकलेट्स, रेडी टू ईट खाने के पैकेट और सूखी मिठाइयां जैसी चीजें शामिल हैं.

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LAC पर पहली बार इतनी तैयारी
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर जिन रणनीतिक महत्व की पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों ने कब्जा कर मोर्चा जमाया है, वहां अगले कुछ हफ्तों में तापमान शून्य से 30-40 डिग्री तक गिर जाएगा. इसलिए सैनिकों को अगले 7-8 महीने तक रुकने के लिए खास टेंट की जरूरत होगी. भारतीय सेना की ऑर्डिनेंस कोर ने 16 सैनिकों के सोने के लिए पर्याप्त ऐसे टेंट भेजे हैं जिनके अंदर सोलर एनर्जी और कैरो हीटर्स से तापमान आरामदायक बना रहेगा. 

ऐसे टेंट शून्य से 20 डिग्री नीचे तक के तापमान पर सैनिकों को सुरक्षित और आरामदायक रुकने की जगह मुहैया कराएंगे. इससे ज्यादा सर्दी के लिए टैंट सुपर हाई एल्टीट्यूड भी सैनिकों को भेज दिए गए हैं. इन वाटरप्रूफ और रजाई जैसे कपड़ों से बने टैंट्स में 12 सैनिक शून्य से 50 डिग्री नीचे तापमान में आराम से रह सकेंगे.

इस ऊंचाई पर हर सैनिक को सर्दी से बचकर अपना काम करते रहने के लिए कुल 21 आइटम दिए गए हैं. इनमें तीन लेयर के गर्म कपड़े, तीन लेयर के दस्ताने-मोजे और गर्म टोपी शामिल है. सैनिकों को फ्रॉस्ट से बचाने के लिए खास तरह के जूते भी दिए गए हैं. ऑर्डिनेंस कोर के अधिकारी ले.कर्नल कोनार्क साध ने बताया कि ये सारे सामान पहले ही फॉरवर्ड लोकेशन पर तैनात सैनिकों को भेज दिए गए हैं. हर तरह के सामान का भंडारण इतना कर लिया गया है जो अगले 14 महीने के लिए काफी होगा.