पुलवामा शहीदों की याद में सेना के अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर लिया पुरस्कार

आतंकवाद रोधी अभियानों में बहादुरी के लिए यहां पुरस्कार लेते हुए पुलवामा आतंकवादी हमले में मारे गए सीआरपीएफ जवानों की याद में काली पट्टी पहनी

पुलवामा शहीदों की याद में सेना के अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर लिया पुरस्कार
सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक में सीआरपीएफ के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए

नई दिल्ली: भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों ने मैदान और आतंकवाद रोधी अभियानों में बहादुरी के लिए यहां पुरस्कार लेते हुए पुलवामा आतंकवादी हमले में मारे गए सीआरपीएफ जवानों की याद में काली पट्टी पहनी.

पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के लेफ्टिनेंट जनरल एम एम नरवाने और बल के सभी सदस्यों ने बाजुओं पर काली पट्टी पहनी थी. नरवाने ने फोर्ट विलियम में पूर्वी कमान के मुख्यालय में पुरस्कार समारोह में पत्रकारों से कहा, 'जवानों की मौत दुखद घटना है, हम सभी भाई हैं. हम तालमेल बनाकर काम करते रहेंगे और एक या दो घटनाओं से अपना जोश कम नहीं होने देंगे'. 

वह जम्मू कश्मीर के पुलवामा में बृहस्पतिवार को हुए आतंकवादी हमले का जिक्र कर रहे थे जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने 100 किलोग्राम से अधिक विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ की बस में टक्कर मार दी जिसमें 40 जवान शहीद हो गए.

बता दें कि इसी साल 26 जनवरी को भी मारे गए जैश ए मोहम्मद के दो आतंकवादियों के बारे में सूचना थी कि वे सुरक्षाबलों के किसी वाहन को टारगेट करना चाहते थे. सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को मार गिराने के बाद उनके मंसूबों पर सघन जांच नहीं करने की भूल कर बैठी.

2019 में 10 जैश के आतंकी मारे जा चुके हैं. पिछले 2 साल में जैश के 90 आतंकी मारे जा चुके हैं. इस बात से जैश-ए-मोहम्मद के आलाकमान काफी परेशान थे और वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे.

(इनपुट-भाषा)